



जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट प्रस्ताव भेजते समय ही परियोजनाओं की लागत का सटीक और यथार्थ आकलन किया जाए, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरे हो सकें। शनिवार को निर्माण भवन के सभागार में आयोजित पीडब्ल्यूडी (PWD) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप बजट घोषणाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
उपमुख्यमंत्री ने कुछ परियोजनाओं में बार-बार अलाइनमेंट बदलने और लागत में वृद्धि पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रारंभिक स्तर पर ही परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार करते समय संभावित लागत और अलाइनमेंट का गहन एवं व्यावहारिक मूल्यांकन किया जाए, ताकि भविष्य में अनावश्यक संशोधन और देरी से बचा जा सके। उन्होंने बयाना बाईपास, बारां-अटरू आरओबी, जैतूपुरा-जयसिंहपुरा मार्ग, भादरा बाईपास, नसीराबाद-सारवाड़-केकड़ी-देवली सड़क, मेज नदी पर हाई लेवल ब्रिज और सलूम्बर बाईपास सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा कर उन्हें शीघ्र चालू करवाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बजट घोषणाओं की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरे किए जाएं और तय समयसीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरे या विलंबित प्रोजेक्ट्स से न केवल लागत बढ़ती है बल्कि आमजन को मिलने वाली सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। इसके अलावा, बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सीआरआईएफ (CRIF), आरएसआरडीसी (RSRDC) सहित विभिन्न सड़क एवं अवसंरचना परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में राज्य मंत्री मंजू बाघमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, शासन सचिव डी आर मेघवाल, मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील जय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।