



जयपुर। राजस्थान की सियासत में सचिन पायलट को लेकर बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत आज भी सचिन पायलट को ‘बच्चा’ ही समझते हैं।
मंगलवार को जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान’ की प्रदेश योजना बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में मदन राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत का बयान बताता है कि वे आज भी पायलट को गंभीर नेता नहीं मानते।
राठौड़ ने कहा कि “गहलोत ने कहा कि पहले भूल कर दी थी, अब भूल नहीं करेगा, टिका रहेगा, पहले किसी ने प्रभावित कर दिया था… इसका मतलब वे आज भी पायलट को बालक मानते हैं। अरे, वो बालक नहीं हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सचिन पायलट का जितना प्रचार भाजपा कर रही है, उतना उनके अपने पूर्व मुख्यमंत्री भी नहीं करते।
मदन राठौड़ ने अशोक गहलोत के उस बयान पर भी कटाक्ष किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “सचिन पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में रहेंगी।”
राठौड़ ने कहा— “उन्होंने पूरा का पूरा नहीं बोला, इससे पता चलता है कि उनके मन में कितना मैल है। वो सचिन पायलट को पूरा अपने साथ नहीं मानते, केवल उनकी टांगे ही अपने साथ मानते हैं।”
सोमवार को भाजपा के राजस्थान प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने सचिन पायलट के कई राजनीतिक रूप गिनाते हुए उन्हें ‘बहरूपिया’ कहा था। इसके बाद अशोक गहलोत ने पायलट का बचाव करते हुए कहा था—“सचिन पायलट की दोनों टांगे कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में रहेंगी। वे हमें छोड़कर नहीं जाएंगे, वे पूरी तरह से हमारे साथ हैं।” गहलोत ने साथ ही यह भी कहा था कि जो लोग पहले कांग्रेस नेताओं को मानेसर ले गए थे, उनके मन की अब मन में ही रह जाएगी।
‘बहरूपिया’ बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग लगातार तेज हो रही है। भाजपा इसे कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान बता रही है, जबकि कांग्रेस भाजपा की भाषा और राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठा रही है। राजस्थान में आगामी राजनीतिक समीकरणों के बीच इस बयानबाजी ने सियासत को और गरमा दिया है।