Saturday, 29 August 2026

मानेसर कांड पर फिर राजनीतिक हलचल तेज: गजेंद्र सिंह शेखावत का गहलोत पर पलटवार, बोले- पूरे ड्रामे के डायरेक्टर खुद अशोक गहलोत


मानेसर कांड पर फिर राजनीतिक हलचल तेज: गजेंद्र सिंह शेखावत का गहलोत पर पलटवार, बोले- पूरे ड्रामे के डायरेक्टर खुद अशोक गहलोत

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जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर मानेसर कांड को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान के बाद केंद्रीय कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने तीखा पलटवार किया है। शेखावत ने गहलोत पर आरोप लगाते हुए कहा कि मानेसर में जो कुछ हुआ, उसके रचनाकार, कहानीकार, डायरेक्टर और पटाक्षेप करने वाले खुद अशोक गहलोत ही थे।

केंद्रीय कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मैंने उस समय भी कहा था और आज फिर कहता हूं कि उस पूरे ड्रामे के निर्देशक अशोक गहलोत साहब ही थे। सचिन पायलट तो मात्र वहां एक मोहरा थे। आज भी उसी मोहरे का इस्तेमाल कर अपने राजनीतिक वनवास को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।”

सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि “सचिन पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में ही रहेंगी।” उन्होंने आगे कहा कि पायलट को अब अनुभव हो गया है कि “इस प्रकार की गलती करने के क्या अंजाम होते हैं। अब वे समझ गए हैं और संभल भी गए हैं।” गहलोत के इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस में एकजुटता का संदेश भी मान रहे हैं, वहीं कई लोग इसे 2020 के मानेसर घटनाक्रम की याद दिलाने वाला बयान बता रहे हैं।

सरकार गिराने की साजिश के आरोपों का मामला भी फिर चर्चा में

गौरतलब है कि 2020 में सचिन पायलट खेमे की बगावत के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके समर्थकों ने गजेंद्र सिंह शेखावत पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त और सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। उस समय कुछ कथित ऑडियो टेप भी सार्वजनिक किए गए थे, जिनमें शेखावत की आवाज होने का दावा किया गया था। बाद में गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत के तत्कालीन ओएसडी लोकेश शर्मा और कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ फोन टैपिंग का आरोप लगाते हुए दिल्ली क्राइम ब्रांच में केस दर्ज करवाया था। यह मामला अभी भी जांच और कानूनी प्रक्रिया में है।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा भी गहलोत के खिलाफ बयान दे चुके हैं। उन्होंने दिल्ली क्राइम ब्रांच को दिए बयान में दावा किया था कि कथित ऑडियो टेप उन्हें खुद अशोक गहलोत ने उपलब्ध कराए थे।मानेसर कांड पर ताजा बयानबाजी ने एक बार फिर राजस्थान की राजनीति में पुराने घावों को हरा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।

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