



जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से फर्जी लेटर और AI तकनीक से बनाए गए वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को गुरुवार को जयपुर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने मोहाली निवासी आरोपी अमृता धुमाल को एक दिन की पुलिस रिमांड (PC) पर भेजा है, जबकि भोपाल निवासी आरोपी निखिल, बिलाल खान और इनाम अहमद को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
अब ज्योति नगर थाना पुलिस आरोपियों से मामले में गहन पूछताछ करेगी। पूछताछ में यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि AI वीडियो किसने तैयार किया, फर्जी लेटर किस स्रोत से उपलब्ध कराया गया, और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि फिलहाल पुलिस के पास केवल वायरल वीडियो के संबंध में मुकदमा दर्ज है, जिसके आधार पर इन सभी को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से वायरल किए गए फर्जी लेटर को किसने तैयार किया और सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया, यह अभी जांच का विषय है।
पुलिस के अनुसार, जांच का दायरा फिलहाल दर्ज मुकदमे तक सीमित है। मुख्य सवाल यह है कि वसुंधरा राजे के नाम से जारी फर्जी लेटर पर किसने हस्ताक्षर किए और उसे असली जैसा बनाकर प्रसारित करने के पीछे कौन लोग थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वायरल वीडियो AI तकनीक के माध्यम से बनाया गया था और संभावना जताई जा रही है कि आरोपी अमृता धुमाल ने इसे तैयार किया था। इसके बाद कथित रूप से कांग्रेस के तीन IT सेल कार्यकर्ताओं ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। हालांकि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है और डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं।
मामले में सामने आया है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को संबोधित एक फर्जी लेटर सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। इसी लेटर को AI तकनीक की मदद से वीडियो के रूप में भी प्रसारित किया गया।
जयपुर पुलिस ने इस मामले में निखिल, बिलाल खान और इनाम अहमद को भोपाल से गिरफ्तार किया, जबकि अमृता धुमाल को मोहाली से पकड़ा गया। चारों को बुधवार को जयपुर लाया गया था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और फर्जी कंटेंट के पीछे शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।