



जयपुर। राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर गुरुवार को महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद सातवें वेतनमान के अंतर्गत राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को 1 जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता अथवा महंगाई राहत मिलेगी।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 7.02 लाख सरकारी कर्मचारी और 5.44 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। इसके अलावा पंचायत समिति और जिला परिषद के कर्मचारियों को भी इस बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी है।
पेंशनर्स के लिए भी सरकार ने राहत भरा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 से बढ़ी हुई महंगाई राहत का नकद भुगतान किया जाएगा। इससे पेंशनर्स को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा और बढ़ती महंगाई के बीच राहत महसूस होगी।
सरकार के इस फैसले से राज्य के खजाने पर लगभग 1156 करोड़ रुपए का वार्षिक वित्तीय भार आएगा। बावजूद इसके, सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में यह संवेदनशील निर्णय लिया है। इसे आगामी समय में कर्मचारियों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत माना जा रहा है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बढ़ोतरी का सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यानी बुजुर्ग, विधवा और नि:शक्तजनों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन पहले की तरह जारी रहेगी और उसमें इस फैसले से कोई बदलाव नहीं होगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 18 अप्रैल को केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 2 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया था। इसके ठीक 5 दिन बाद राजस्थान सरकार ने भी राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए समान राहत की घोषणा कर दी। राजस्थान में परंपरागत रूप से केंद्र सरकार द्वारा डीए बढ़ाए जाने के बाद कुछ समय में राज्य सरकार भी इसी तरह का फैसला करती रही है। सरकार के इस निर्णय के बाद कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स में खुशी का माहौल है। इसे राज्य सरकार का कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक कदम माना जा रहा है।