



जयपुर। बार काउंसिल आफ राजस्थान चुनाव में बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट पोलिंग बूथ के बाद सेशन कोर्ट पोलिंग बूथ पर भी चुनाव निरस्त कर दिया गया। दोनों स्थानों पर अनियमितताओं, अव्यवस्थाओं और फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया रोकनी पड़ी। इससे अधिवक्ताओं और प्रत्याशियों में भारी नाराजगी देखी गई।
राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर में आयोजित मतदान के दौरान कई बूथों पर मतपत्रों में गड़बड़ी, मतदान में देरी और आवश्यक व्यवस्थाओं की कमी को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाद में फर्जी वोटिंग के आरोपों के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया और मतदान प्रक्रिया बीच में ही रोक दी गई। कई उम्मीदवारों ने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
इसी बीच जयपुर के सेशन कोर्ट पोलिंग बूथ पर भी अनियमितताओं और कथित फर्जी वोटिंग की शिकायतें सामने आने के बाद मतदान निरस्त कर दिया गया। दोनों बूथों पर अब नई तारीख घोषित की जाएगी। जयपुर के ये दोनों मतदान केंद्र सबसे अहम माने जाते हैं, ऐसे में चुनाव रद्द होने से पूरे चुनावी माहौल पर असर पड़ा है।जोधपुर में 4 बूथ पर चुनाव स्थगित
जोधपुर में हेरिटेज बिल्डिंग परिसर में बनाए गए 4 में से 3 बूथ पर बैलेट पेपर खत्म होने के कारण पिछले एक घंटे से मतदान रुका था। वकीलों में रोष के चलते हंगामे के आसार बन गए थे। उन्होंने चुनाव स्थगित करने की मांग की। इसके बाद चुनाव प्रबंधन समिति ने चारों बूथ पर मतदान स्थगित कर दिया। यहां रीपोलिंग की तारीख अलग से तय की जाएगी।
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में भी बैलेट पेपर पर प्रत्याशियों के हस्ताक्षर को लेकर विवाद खड़ा हो गया। विवाद बढ़ने के बाद मतदान प्रक्रिया रोक दी गई और पोलिंग बूथ को ताला लगाकर चुनाव स्थगित कर दिया गया। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए SI Surendra Kumar के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया।
एडवोकेट रणवीर ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों ने नियमों के विरुद्ध मतदाताओं से मतपत्रों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए, जिससे मतदान की गोपनीयता भंग हुई और मतपत्र निरस्त होने का खतरा बढ़ गया। मतदाताओं का कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया उनके मतदान के अधिकार को प्रभावित करती है और चुनाव प्रक्रिया में मतभेद बढ़ाती है। श्रीगंगानगर के वरिष्ठ अधिवक्ता सीताराम विश्नोई ने कहा कि रायसिंहनगर में चुनाव निरस्त होगा या आगे क्या कार्रवाई होगी, यह अलग विषय है, लेकिन श्रीगंगानगर में चुनाव को लेकर उत्साह बना हुआ है और इस बार युवा वर्ग सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहा है। बार काउंसिल चुनाव में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने चुनावी पारदर्शिता और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें चुनाव प्राधिकरण के अगले कदम और नई मतदान तिथियों पर टिकी हैं।
