



जयपुर। भीलवाड़ा पोस्टिंग के दौरान विवादों में आए प्रोबेशनर आईपीएस माधव उपाध्याय से जुड़े अवैध खनन मामले में जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। अजमेर जीआरपी के एसपी द्वारा तैयार विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय, जयपुर में विजिलेंस विंग को सौंप दी गई है, जिसका फिलहाल सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है। यह मामला भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी क्षेत्र में गार्नेट जैसे बहुमूल्य खनिज के अवैध खनन और परिवहन से संबंधित है, जिसमें पूछताछ के दौरान कुछ आरोपियों ने आईपीएस अधिकारी का नाम लिया था।
प्रकरण सामने आने के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माधव उपाध्याय को एपीओ कर दिया था और जांच की जिम्मेदारी जीआरपी अजमेर को सौंपी थी। अब प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। हालांकि अभी तक आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम निर्णय उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के बाड़मेर दौरे से लौटने के बाद बुधवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा कर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। संभावना यह भी जताई जा रही है कि कुछ बिंदुओं पर अतिरिक्त या पुनः जांच के निर्देश दिए जा सकते हैं, ताकि तथ्यों की पूरी तरह पुष्टि हो सके।
इस संबंध में एडीजी विजिलेंस एस. सेंगाथिर ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है और उसका विस्तृत परीक्षण जारी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें एक आईपीएस अधिकारी का नाम सामने आया है और अवैध खनन जैसे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच प्रशासन की साख से जुड़ी हुई है। अब सभी की नजरें आगामी बैठक और पुलिस मुख्यालय के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।