



बालोतरा के पचपदरा स्थित रिफाइनरी के लोकार्पण कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा अचानक स्थगित होने का असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के लिए बाड़मेर जिले में बड़े पैमाने पर भोजन की तैयारियां की गई थीं, जिसमें हजारों लोगों के लिए पूड़ियां और अन्य व्यंजन बनाए गए थे। लेकिन दौरा रद्द होने के बाद ये तैयारियां बेकार साबित हो गईं और बड़ी मात्रा में बना खाना अब हलवाइयों और आयोजकों के लिए बोझ बन गया है।
स्थानीय हलवाइयों और मजदूरों ने कई घंटों की मेहनत से यह भोजन तैयार किया था, ताकि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को समय पर व्यवस्था मिल सके। आयोजन के मद्देनजर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर कैटरिंग की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अचानक कार्यक्रम स्थगित होने से यह पूरी तैयारी धरी रह गई। अब बड़ी मात्रा में तैयार पूड़ियों के खराब होने की आशंका है, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
जानकारों के अनुसार, इस तरह के बड़े आयोजनों में अचानक बदलाव का असर केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे स्थानीय कारोबारियों, मजदूरों और छोटे व्यवसायों पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। हलवाइयों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना मिल जाती, तो वे इतनी बड़ी मात्रा में भोजन तैयार नहीं करते। इस घटना ने एक बार फिर बड़े सरकारी आयोजनों में समन्वय और समयबद्ध सूचना की आवश्यकता को उजागर किया है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से बचा जा सके और स्थानीय स्तर पर होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।