



राजस्थान की राजनीति में नारी सशक्तिकरण को लेकर एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में मुख्यमंत्री चुनने का अवसर आया, तब पार्टी ने किसी महिला को आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की, जबकि वास्तविकता में महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के ठोस प्रयास नहीं दिखे। डोटासरा ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में नारी सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्ध होती, तो कम से कम किसी बड़े राज्य में महिला मुख्यमंत्री का उदाहरण सामने आता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने 19 अप्रैल को कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी ने समय-समय पर महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में अवसर दिए हैं। उन्होंने कहा कि देश को इंदिरा गांधी जैसी सशक्त महिला प्रधानमंत्री मिली, जबकि मीरा कुमार लोकसभा अध्यक्ष बनीं औरप्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति पद तक पहुंचीं। इसके अलावा शीला दीक्षित ने 15 वर्षों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और सोनिया गांधी लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष और संसदीय दल की नेता रहीं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि ये उदाहरण दर्शाते हैं कि महिलाओं को केवल नारों के जरिए नहीं, बल्कि वास्तविक नेतृत्व के अवसर देकर सशक्त किया जा सकता है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिला सशक्तिकरण को केवल राजनीतिक मुद्दा बनाकर प्रस्तुत कर रही है, जबकि कांग्रेस ने इसे व्यवहार में लागू किया है।
राजस्थान में जब मुख्यमंत्री चुनने का मौका आया, तो भाजपा ने क्या महिला को आगे बढ़ाया? मोदी जी ने सिर्फ राजनीतिक नैरेटिव बनाने की कोशिश की। अगर BJP में नारी सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता होती, तो कम से कम एक बड़े राज्य में महिला नेतृत्व जरूर दिखता।
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) April 19, 2026
जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस का… pic.twitter.com/kfrabtdOSF