



पाली जिले के रायपुर मारवाड़ क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया, जब गुजरात से एलपीजी गैस भरकर आ रहा एक टैंकर सेंदड़ा के पास अचानक आग की चपेट में आ गया। टैंकर में भीषण आग और गैस रिसाव की आशंका से हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। लपटें इतनी तेज थीं कि मौके पर पहुंची दमकल टीम भी शुरुआती तौर पर पीछे हट गई। इसी बीच सेंदड़ा थानाधिकारी हरिराम ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए स्वयं दमकलकर्मियों के साथ जलते टैंकर के पास पहुंचकर आग बुझाने का मोर्चा संभाला। उनकी तत्परता और नेतृत्व से हजारों लीटर गैस सुरक्षित बच गई और एक संभावित बड़े विस्फोट को टाल दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही थानाधिकारी हरिराम तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हाईवे के दोनों ओर यातायात बंद करवा दिया। करीब डेढ़ किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों की सांसें थम गईं। ब्यावर और जैतारण से अतिरिक्त दमकलें बुलाई गईं। देर रात तक चले राहत कार्य के बाद आग पर काबू पाया गया और एक तरफा यातायात बहाल किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि टैंकर चालक की लापरवाही इस हादसे का मुख्य कारण बनी। चालक ने वाहन को सड़क किनारे लगी लोहे की फेंसिंग से टकरा दिया, जिससे लोहे का एंगल टैंकर में फंस गया और घर्षण से निकली चिंगारी ने केबिन में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि टैंकर के आगे के 10 टायर जलकर राख हो गए, हालांकि पिछला हिस्सा सुरक्षित बच गया।
हादसे के बाद चालक सुरजन सिंह राजपूत, निवासी तोलियावास (झुंझुनूं), मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और आमजन की जान खतरे में डालने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रविवार को तकनीकी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोपहर बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त टैंकर को हटाकर यातायात पूरी तरह सुचारू किया गया।