



जयपुर। राजस्थान एटीएस और हनुमानगढ़ की भादरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए फर्जी बायोमेट्रिक्स के जरिए आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध तरीके से संचालित एक आधार सेंटर के जरिए सैकड़ों फर्जी एनरोलमेंट कर रहा था।
यह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एटीएस एवं एजीटीएफ) दिनेश एम.एन. के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। एटीएस जयपुर यूनिट को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नगरपालिका क्षेत्र के पास स्थित एक संदिग्ध आधार सेंटर पर छापा मारा गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले सबूत मिले। आरोपी अन्य व्यक्तियों की ऑपरेटर आईडी का दुरुपयोग कर रहा था और लॉगिन के लिए नकली ‘डमी फिंगरप्रिंट’ (रबर से बने) इस्तेमाल कर रहा था। इसके अलावा कागज पर छपी आंखों की रेटिना की तस्वीरों को आईरिस डिवाइस के सामने रखकर बायोमेट्रिक सिस्टम को धोखा दिया जा रहा था। एनरोलमेंट रसीदों पर भी फर्जी हस्ताक्षर किए जा रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया कि इस तरह बनाए गए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध, फर्जी सिम जारी कराने और बैंक खातों के दुरुपयोग के लिए किया जा सकता था, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।
पुलिस ने मौके से लैपटॉप, प्रिंटर, आईरिस स्कैनर, पाम फिंगरप्रिंट डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, कैमरा, फिंगरप्रिंट डाई और मोबाइल फोन सहित कई हाईटेक उपकरण जब्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई में राजेश सिंह, योगेश यादव और एसपी ज्ञानचंद यादव के सुपरविजन में एटीएस टीम ने अहम भूमिका निभाई। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार किसी अंतरराज्यीय नेटवर्क या संगठित साइबर अपराध से जुड़े हैं या नहीं। जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का फोरेंसिक विश्लेषण कर और भी अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।