



लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल गिरने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम एक राजनीतिक रणनीति के तहत रचा गया, जिसका उद्देश्य विपक्ष को बदनाम करना था।
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश को गुमराह किया और ऐसे हालात बनाए कि बिल पास न हो सके। उनके अनुसार, सरकार को सभी दलों को विश्वास में लेना चाहिए था और ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर सहमति बनानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल पहले भी महिला आरक्षण के पक्ष में रहे हैं और 2023 में पारित बिल का समर्थन किया था। गहलोत ने यह भी सवाल उठाया कि चुनावी समय में विशेष सत्र बुलाने की क्या आवश्यकता थी, जब विपक्ष सत्र टालने की मांग कर रहा था।
गहलोत ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर विपक्ष को महिला विरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही पंचायती राज में महिलाओं को आरक्षण देने का ऐतिहासिक कदम उठाया था।
राहुल गांधी पर हो रहे हमलों को लेकर गहलोत ने कहा कि भाजपा लगातार उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता सच्चाई समझ चुकी है।