



बालोतरा के पचपदरा में आगामी 21 अप्रैल को नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तावित रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम से पहले प्रदेश की सियासत गरमा गई है। बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि इस मेगा इवेंट के लिए भीड़ जुटाने हेतु प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है।
बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि जोधपुर संभाग के सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को “रिफाइनरी भ्रमण” के नाम पर कार्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही निजी स्कूलों की बसों और विद्यार्थियों को भी आयोजन में लाने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि छात्रों का उपयोग किसी भी प्रकार की राजनीतिक भीड़ के रूप में नहीं होना चाहिए।
बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में 19 अप्रैल से शुरू हो रहे विवाह सीजन के बावजूद परिवहन विभाग द्वारा करीब 2 से 3 हजार बसों को रैली के लिए अधिग्रहित किया जा रहा है। इससे आम जनता, विशेषकर शादी वाले परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बारात और सामाजिक आयोजनों के लिए आवश्यक परिवहन साधनों की कमी से लोगों की परेशानी बढ़ेगी।
इसके अलावा बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने दावा किया कि बाड़मेर, बालोतरा और जोधपुर संभाग के ग्राम विकास अधिकारियों (VDO), महिला एवं बाल विकास विभाग, रसद विभाग सहित अन्य सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे मनरेगा श्रमिकों और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को कार्यक्रम में शामिल करें। साथ ही औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों को भी रैली में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनसमर्थन स्वाभाविक होना चाहिए, न कि प्रशासनिक दबाव और संसाधनों के माध्यम से जुटाया जाए। उनके इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है और अब इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।



