Saturday, 29 August 2026

संसद में महिला आरक्षण संशोधन के 3 बिल संसद में 16 अप्रैल को होंगे पेश : 850 सीटों के प्रस्ताव पर गरमाएगी बहस


संसद में महिला आरक्षण संशोधन के 3 बिल संसद में 16 अप्रैल को होंगे पेश : 850 सीटों के प्रस्ताव पर गरमाएगी बहस

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संसद में 16 अप्रैल से महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा शुरू होने जा रही है। केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव के लिए तीन बिल पेश कर रही है, जिनमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 2029 से 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव शामिल है। इसके लिए 16, 17 और 18 अप्रैल तक तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें इन विधेयकों पर विस्तृत बहस होगी।

प्रस्तावित संशोधनों के तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने की योजना है। इसमें राज्यों के लिए 815 और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें निर्धारित की जा सकती हैं। कुल सीटों में से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।

इस महत्वपूर्ण विधायी प्रक्रिया को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समेत कई दलों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। चूंकि यह संविधान संशोधन से जुड़ा मामला है, इसलिए इसे पारित कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर विपक्ष ने कुछ आपत्तियां भी जताई हैं। विशेष रूप से परिसीमन प्रक्रिया को लेकर विरोध सामने आया है, क्योंकि कुछ राज्यों को आशंका है कि इससे उनकी प्रतिनिधित्व क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसी कारण संसद में तीखी बहस और संभावित हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं। यदि यह विधेयक संसद से पारित हो जाता है, तो संशोधित कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा। यह कदम भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

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