



जयपुर में हाल ही में हुए हाई-प्रोफाइल ट्रैफिक जाम प्रकरण के बाद पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर की शादी समारोह के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट के बीच कई घंटों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने से प्रशासन की भारी किरकिरी हुई थी। इस घटना में वीवीआईपी तक जाम में फँस गए, जिसके बाद पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया। अब इस घटनाक्रम के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो गई है और इसी कड़ी में जयपुर ट्रैफिक पुलिस में बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, 10 अप्रैल को भजनलाल शर्मा द्वारा पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आयोजित समीक्षा बैठक में इस पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिसिंग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की। बताया जा रहा है कि इस दौरान उत्कल रंजन साहू (डीजीपी) को भी कड़े शब्दों में फटकार लगी, जिससे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।
इसके बाद जयपुर ट्रैफिक पुलिस में व्यापक स्तर पर तबादलों का दौर शुरू हुआ है। कई थाना प्रभारियों, ट्रैफिक इंस्पेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को इधर-उधर किया गया है। यह कदम ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल ट्रैफिक प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही यह भी संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन चुका है और इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक खामियों को उजागर करती हैं। ऐसे में सरकार द्वारा सख्त कदम उठाना आवश्यक हो जाता है, ताकि आम जनता और वीवीआईपी दोनों के लिए सुचारू यातायात सुनिश्चित किया जा सके।

