



पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने हाल ही में झालावाड़ जिले के कामखेड़ा बालाजी प्रांगण में दिए गए अपने बयान को लेकर हो रहे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके संवाद को गलत संदर्भ में जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है, जो एक षड्यंत्र के अलावा कुछ नहीं है।
राजे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी पद की इच्छा व्यक्त नहीं की और वे पहले भी कई बार कह चुकी हैं कि उनके लिए जनता का प्यार ही सबसे बड़ा पद है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेशभर में लोगों का भरपूर स्नेह मिल रहा है, जो किसी भी राजनीतिक पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला एक फोरलेन सड़क के निर्माण से जुड़ा है, जहां स्थानीय लोग बाइपास का एलाइमेंट बदलवाना चाहते थे। इसी संदर्भ में वे लोगों को उदाहरण देकर समझा रही थीं कि धौलपुर में उनके स्वयं के घर के सामने से राष्ट्रीय राजमार्ग निकला था, जिसमें उन्हें अपनी बाउंड्री पीछे करनी पड़ी थी।
राजे ने कहा कि जब वे अपने घर को नियमों के कारण नहीं बचा सकीं, तो दूसरों के लिए नियमों के खिलाफ कैसे खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि झालावाड़ उनके लिए केवल एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि परिवार की तरह है और वहां के लोगों से उनका संवाद हमेशा सहज और पारिवारिक होता है।
उन्होंने इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश करने को साजिश करार देते हुए कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।