Saturday, 29 August 2026

अमेरिका–ईरान युद्ध में 2 हफ्ते का सीजफायर, पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी सहमति


अमेरिका–ईरान युद्ध में 2 हफ्ते का सीजफायर, पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी सहमति

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिनों से जारी सैन्य तनाव के बाद दोनों देशों ने दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर पर सहमति जताई है। अमेरिका के राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रम्प  ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और वहां की सेना प्रमुख की अपील के बाद लिया गया। इस समझौते से फिलहाल क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो अमेरिका ईरान के अहम बुनियादी ढांचे पर बड़ा सैन्य हमला कर सकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता और अंतिम समय में चीन के हस्तक्षेप के बाद संभव हो पाया। पाकिस्तान ने दो सप्ताह के अस्थायी सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया। इस समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे, जबकि ईरान भी सैन्य कार्रवाई बंद करेगा। साथ ही इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें ईरानी सेना भी सहयोग करेगी। यह युद्धविराम लेबनान सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों पर भी लागू होगा। इसके बाद 10 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक वार्ता शुरू होने की संभावना जताई गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को 10 बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव भी भेजा है, जिस पर आगे चर्चा हो सकती है। वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का दावा है कि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और यह समझौता ईरान की शर्तों के आधार पर हुआ है, जिसे वह अपनी कूटनीतिक जीत बता रहा है।

ईरान के इस 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव में कई अहम मांगें शामिल हैं। इनमें अमेरिका और इजराइल द्वारा सभी सैन्य हमलों को पूरी तरह बंद करना, ईरान पर लगाए गए सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाना, फ्रीज किए गए ईरानी फंड और संपत्तियों को वापस करना, युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना और मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना की वापसी शामिल है। इसके अलावा ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग रखी है। प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखने, जहाजों की आवाजाही को ईरानी सेना के समन्वय में सुनिश्चित करने और हर जहाज से लगभग 20 लाख डॉलर शुल्क लेने का सुझाव भी शामिल है, जिसे ओमान के साथ साझा किया जा सकता है। साथ ही क्षेत्रीय संघर्षों, खासकर लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े तनाव को समाप्त करने की भी बात कही गई है।

यह सीजफायर फिलहाल दो सप्ताह के लिए है, लेकिन आगामी वार्ता के नतीजों पर निर्भर करेगा कि यह अस्थायी समझौता स्थायी शांति में बदल पाता है या नहीं।

    Previous
    Next

    Related Posts