



अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर का वैश्विक बाजारों पर सकारात्मक असर साफ दिखाई देने लगा है। लंबे समय से जारी तनाव के बीच जैसे ही युद्धविराम की घोषणा हुई, एशियाई शेयर बाजारों में तेज़ी लौट आई। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 4% से अधिक चढ़ गया, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5% से ज्यादा उछल गया। निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है और बाजार ने राहत की सांस ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव कम होने से यह तेजी आई है, हालांकि आगे की स्थिति सीजफायर की स्थिरता पर निर्भर करेगी।
मुद्रा बाजार में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नेतृत्व में हुए इस समझौते के बाद अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और यह जापानी येन तथा दक्षिण कोरियाई वॉन के मुकाबले गिरा है। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे एशियाई मुद्राओं को मजबूती मिली।
सीजफायर समझौते के तहत अगले दो हफ्तों तक हॉर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा, जो वैश्विक तेल सप्लाई का अहम मार्ग है। ईरान के विदेश मंत्री के अनुसार इस दौरान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की निगरानी में सुनिश्चित की जाएगी। जंग के दौरान इस समुद्री मार्ग पर शिपिंग लगभग ठप हो गई थी, लेकिन अब इसके खुलने से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है। हालांकि यह ‘कंट्रोल्ड ट्रांजिट’ व्यवस्था अस्थायी है और हर जहाज से करीब 20 लाख डॉलर शुल्क लेने का प्रस्ताव भी सामने आया है, जिसे ओमान के साथ साझा किया जाएगा।
सीजफायर के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी कच्चा तेल करीब 16% गिरकर 94.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 15% गिरकर 92.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और आर्थिक दबाव को बढ़ा रही थीं।
इस बीच ईरान ने अमेरिका को 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भी भेजा है, जिसमें सैन्य हमलों की पूर्ण समाप्ति, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना, फ्रीज किए गए एसेट्स की वापसी, मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना की वापसी और हॉर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखने जैसी अहम मांगें शामिल हैं। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने उसके कई प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया है, जिसे वह अपनी रणनीतिक जीत के रूप में देख रहा है।
वहीं ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के 40वें दिन उनके समर्थक देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। 28 फरवरी को तेहरान में हुए एयरस्ट्राइक में उनकी मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था। अब उनके बेटे अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। कुल मिलाकर, सीजफायर से बाजारों को राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह समझौता स्थायी शांति की दिशा में कितना सफल होता है।