Saturday, 29 August 2026

अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन केस पर अडाणी की दलील: ‘अमेरिका के अधिकार क्षेत्र से बाहर, आरोप निराधार’


अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन केस पर अडाणी की दलील: ‘अमेरिका के अधिकार क्षेत्र से बाहर, आरोप निराधार’

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भारत के उद्योगपतिगौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अदानी ने अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन  द्वारा दायर सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। अडाणी पक्ष ने न्यूयॉर्क की अदालत में दाखिल प्री-मोशन लेटर में स्पष्ट कहा है कि यह मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर का है और इसमें लगाए गए आरोप ठोस आधार से रहित हैं।

अडाणी ग्रुप की ओर से दलील दी गई है कि जिस डील को लेकर अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन ने आरोप लगाए हैं, वह पूरी तरह अमेरिका के बाहर संपन्न हुई थी। ऐसे में अमेरिकी नियामक संस्था का इस मामले में दखल कानूनी रूप से उचित नहीं है। कंपनी का कहना है कि यह मुकदमा न केवल अधिकार क्षेत्र से बाहर है, बल्कि इसमें निवेशकों को गुमराह करने या किसी तरह की धोखाधड़ी के पर्याप्त सबूत भी मौजूद नहीं हैं, इसलिए इसे प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि अमेरिकी रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन ने 24 नवंबर को गौतम अडाणी और सागर अडाणी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। नियामक संस्था का आरोप है कि अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने वर्ष 2021 में बॉन्ड जारी करते समय निवेशकों को कथित रूप से गुमराह किया और रिश्वत से जुड़े एक मामले का खुलासा नहीं किया। इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज रही है।

अब न्यूयॉर्क की अदालत में अडाणी ग्रुप की इस प्रारंभिक आपत्ति पर सुनवाई के बाद यह तय होगा कि मामला आगे बढ़ेगा या शुरुआती स्तर पर ही खारिज कर दिया जाएगा। यह केस न केवल अडाणी ग्रुप बल्कि वैश्विक निवेश और नियामकीय ढांचे के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

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