Tuesday, 07 April 2026

छात्रा से दुराचार के आरोपी व्याख्याता मनोज करोलिया बर्खास्त


छात्रा से दुराचार के आरोपी व्याख्याता मनोज करोलिया बर्खास्त

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बीकानेर। राजस्थान शिक्षा विभाग ने एक गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए व्याख्याता मनोज करोलिया को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान (बीकानेर) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया गया है।

जानकारी के अनुसार व्याख्याता मनोज करोलिया पर कक्षा 10 की छात्रा के साथ अश्लील और अनैतिक कृत्य करने के गंभीर आरोप लगे थे। मामले की विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। आदेश में कहा गया है कि इस प्रकार का आचरण शिक्षक पद की गरिमा के विपरीत है और यह गंभीर दुराचार की श्रेणी में आता है।

उल्लेखनीय है कि मनोज करोलिया व्याख्याता भूगोल महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बेगना जिला बारा में कार्यरत रहने के दौरान सत्र 2020-21 में तत समय कक्षा 10 में अध्यनरत छात्रा को बहला फुसलाकर छात्रा के साथ अनैतिक कार्य किया गया  मनोज कारोलिया द्वारा छात्रा की किशोरावस्था का लाभ उठाकर छात्रा के साथ गंभीर दुराचरण/ दुष्कर्म लंबे समय तक किया गया तथा छात्र का अश्लील वीडियो बनाकर छात्रा को ब्लैकमेल कर उक्त छात्रा का शारीरिक शोषण किया जाता रहा है

उक्त कृत्य शिक्षक के पद की गरिमा के विपरीत है एवं गंभीर दुराचरण करने की श्रेणी में आता है! इस प्रकार व्याख्याता मनोज कारोलिया द्वारा विद्यालय में अध्यनरत छात्रा के साथ अनुचित/ अशुभनीय व अश्लील आचरण/व्यवहार कर गुरु शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने का कृति किया गया है उक्त जघन्य कृत्य से विद्यालय एवं विभाग की छवि धूमिल हुई है एवं शिक्षक की गरिमा को ठेस पहुंची है अतः मनोज कारोलिया व्याख्याता (भूगोल) को अपने पद का दुरुपयोग करने, शिक्षक गरिमा के विरुद्ध अनैतिक आचरण बरतने के कारण राजस्थान सिविल सेवाएं (आचरण) नियम 1971 के नियम 3(1) (ii), 4(2),4(4) एवं 4 (ड ) का उल्लंघन करने के आरोप से आरोपित किया गया है

निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान सरकार बीकानेर ने आदेश जारी कर दोषी पाए गए व्याख्याता मनोज करोलिया तत्कालीन व्याख्याता (भूगोल) महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बेगाना, बारां वर्तमान एपीओ मुख्यालय कार्यालय संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा, जयपुर को तत्काल प्रभाव से राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया है शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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