



राजस्थान में नए वेदर सिस्टम के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों में मंगलवार को बारिश दर्ज की गई, वहीं नागौर और टोंक में ओलावृष्टि भी हुई। आंधी और बारिश की चेतावनी के चलते नागौर की दो कृषि मंडियों में आज अवकाश घोषित करना पड़ा। इस अचानक बदले मौसम का असर फसलों पर भी पड़ा है, जहां जयपुर, फलोदी, बीकानेर सहित कई जिलों में किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवातीय सिस्टम के कारण यह बदलाव देखने को मिला। सुबह से ही कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बीकानेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर जिलों में तेज बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली।
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 8 अप्रैल को भी इस वेदर सिस्टम का प्रभाव बना रहेगा और कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। हालांकि 9 अप्रैल से मौसम साफ होने और तापमान में फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन भी सतर्क है और किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अचानक आई इस बारिश और ओलावृष्टि से जहां एक ओर तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।