Tuesday, 07 April 2026

राजस्थान में बदला मौसम: बारिश, ओले और ठंडी हवाओं से मिली राहत, जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बूंदाबांदी, 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


राजस्थान में बदला मौसम: बारिश, ओले और ठंडी हवाओं से मिली राहत, जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बूंदाबांदी, 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

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जयपुर। राजस्थान में नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के साथ ही मौसम ने अचानक करवट ले ली है। रेगिस्तानी जिलों में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है, वहीं कई स्थानों पर तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ मानसून जैसा माहौल देखने को मिला। नागौर जिले में चने के आकार के ओले गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बदलते मौसम का असर जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है, जहां सुबह के समय बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने गर्मी से राहत दी है।

मौसम केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 17 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 20 से 50 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 8 अप्रैल तक इस सिस्टम का प्रभाव बना रहेगा, जबकि 9 अप्रैल से मौसम साफ होने की संभावना है। मंगलवार सुबह जयपुर में ठंडी हवाओं के साथ कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

बीकानेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर सहित सीमावर्ती जिलों में भी तेज बारिश और हवा के कारण तापमान में कमी आई है। बीकानेर में रात 3 बजे से बादलों की गर्जना के साथ मौसम बदला और सुबह तेज बारिश हुई। श्रीगंगानगर में भी तेज हवाओं और बिजली चमकने के साथ ठंडक का अहसास हुआ। वहीं जैसलमेर में, जहां आमतौर पर इस समय हीटवेव का असर रहता है, इस बार मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना हुआ है।

नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में ऑरेंज अलर्ट के चलते मंडियों में अवकाश घोषित किया गया है। नागौर के डेगाना क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई, जबकि डीडवाना में लगातार बूंदाबांदी जारी रही। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कृषि गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले 20 दिनों में आए लगातार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण प्रदेश में गर्मी पूरी तरह से नहीं पड़ सकी है। इसका असर आगामी मानसून पर भी पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि समुद्र का तापमान बढ़ता रहा और धरती का तापमान सामान्य से कम रहा, तो मानसून कमजोर रह सकता है। जुलाई-अगस्त के बीच अल-नीनो के सक्रिय होने की 60 से 80 प्रतिशत संभावना जताई जा रही है, जिससे बारिश कम हो सकती है।

इस बीच निजी एजेंसी स्काईमेट 7 अप्रैल को मानसून का पूर्वानुमान जारी करेगी, जबकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) 15 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट साझा कर सकता है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूप के कारण तापमान में 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन मंगलवार को मौसम बदलने से फिर गिरावट दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, राजस्थान में मौसम का यह अचानक बदलाव जहां आमजन को गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं किसानों और प्रशासन के लिए सतर्कता का संकेत भी बन गया है।

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