



जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सिविल सोसाइटी आयोग (CSO) की स्थापना के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विश्व स्तरीय वार्षिक बैठक (AGM-2026) का आयोजन किया गया। यह बैठक जिनेवा स्थित WHO मुख्यालय से हाइब्रिड मोड में आयोजित हुई, जिसमें 100 से अधिक देशों की लगभग 250 संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में सिविल सोसाइटी की भूमिका को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए WHO के डायरेक्टर जनरल डॉ. ट्रेड्रोस आधानोम गैब्रायसिस ने कहा कि सिविल सोसाइटी की आवाज को सुनना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएं जमीनी स्तर पर काम करती हैं, इसलिए उनके अनुभव को केवल सहभागिता तक सीमित न रखकर उन्हें साझेदार के रूप में देखा जाना चाहिए।
सिविल सोसाइटी आयोग के अध्यक्ष एवं WHO के डायरेक्टर (पार्टनरशिप) डॉ. गॉडेन्ज़ सिल्वरस्मिथ ने भी बैठक को संबोधित करते हुए आयोग की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में स्थापित इस आयोग में दुनिया भर से 540 सदस्यों का चयन किया था।
भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. रमेश गांधी, जो WHO CSO आयोग के कम्युनिकेशन एवं नेटवर्किंग ग्रुप के सदस्य हैं, ने तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (जैसे हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, कैंसर, डायबिटीज और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं) तथा नशे जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए “सोशल मार्केटिंग अप्रोच” को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि विश्व में लगभग 1.2 बिलियन लोग तंबाकू के आदी हैं, ऐसे में बड़े स्तर पर व्यवहार परिवर्तन के लिए वैश्विक अभियान चलाने की आवश्यकता है।
डॉ. गांधी ने यह भी सुझाव दिया कि आगामी 79 वीं विश्व स्वास्थ्य असेंबली से पहले WHO के सभी क्षेत्रीय स्तरों पर CSO सदस्यों की ऑफलाइन बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि सहभागिता को वास्तविक साझेदारी में बदला जा सके। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य परियोजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम पर निर्भर रहने के बजाय “ऑनग्राउंड अप्रोच” को प्राथमिकता देने की बात कही।
बैठक में यूनाइटेड किंगडम की ‘बियॉन्ड मेंटल हेल्थ’ संस्था की ऑपरेशन हेड बेथ स्टिंचकोम्बे ने युवाओं की ऊर्जा और भागीदारी को स्वास्थ्य क्षेत्र में जोड़ने पर जोर दिया। इसके अलावा 2026-28 की कार्य योजना, अपेक्षित परिणामों की रूपरेखा और AGM से पहले कराए गए मेंटिमीटर सर्वे के निष्कर्ष भी साझा किए गए।
यह वैश्विक बैठक स्वास्थ्य क्षेत्र में सिविल सोसाइटी की भागीदारी को मजबूत करने और व्यवहार परिवर्तन के जरिए तंबाकू व नशे पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।