


भरतपुर। भरतपुर जिले में नदबई थाना क्षेत्र के बेहरामदा गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे10 महीने की मासूम बच्ची की गर्म दूध के भगोने में गिरने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची घर में बेड पर अकेले खेल रही थी, जबकि उसकी मां पास ही घरेलू काम में व्यस्त थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां ने दूध गर्म करने के बाद उसे ठंडा होने के लिए बेड के पास ही रख दिया था। इसी दौरान खेलते-खेलते बच्ची संतुलन खो बैठी और सीधे गर्म दूध से भरे भगोने में गिर गई। अचानक बच्ची के जोर-जोर से रोने की आवाज सुनकर मां दौड़ती हुई कमरे में पहुंची, जहां उसने अपनी बच्ची को गंभीर रूप से झुलसी हालत में पाया।
घटना के बाद मां ने तुरंत अपने पति को सूचना दी और दोनों ने मिलकर बच्ची को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
नदबई थाना प्रभारी अरुण सिंह ने बताया कि बेहरामदा गांव निवासी सत्यभान की पुत्री चांदनी की इस हादसे में मौत हुई है। परिजनों ने बच्ची का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर ली है। यह हादसा घरों में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म तरल पदार्थों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना और छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऐसे दुखद हादसों से बचा जा सके।