



नई दिल्ली। SI भर्ती-2025 परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश जारी करते हुए 2021 की भर्ती के उन अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी है, जो आयु सीमा में छूट की मांग कर रहे थे। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने निर्देश दिया कि SI भर्ती-2021 के सभी ऐसे अभ्यर्थियों को आगामी परीक्षा में शामिल होने दिया जाए। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों की भागीदारी पूरी तरह अस्थायी (प्रोविजनल) होगी और उनका परिणाम सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा, जो अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
सूरजमल मीणा की ओर से दायर याचिका में 5 और 6 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित SI/प्लाटून कमांडर भर्ती-2025 परीक्षा को कम से कम चार सप्ताह के लिए स्थगित करने की मांग की गई थी। अभ्यर्थियों के वकीलों ने दलील दी कि आयु सीमा से जुड़े मामलों पर हाईकोर्ट को 31 मार्च तक फैसला देना था, लेकिन अब तक निर्णय नहीं आया, जिससे अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
वहीं राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने परीक्षा स्थगित करने का विरोध करते हुए कहा कि हजारों अभ्यर्थियों के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अंतिम समय पर परीक्षा रद्द करने से प्रशासनिक अव्यवस्था उत्पन्न होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया, लेकिन संतुलन बनाते हुए 2021 के ओवरएज अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी।
यह फैसला उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जो आयु सीमा विवाद के कारण असमंजस में थे। अब सभी की नजरें अंतिम न्यायिक निर्णय पर टिकी हैं, जिससे उनके भविष्य का निर्धारण होगा।