Saturday, 29 August 2026

राज्य पिछडा वर्ग आयोग एवं निर्वाचन आयोग के निर्णयों के अनुसार राज्य सरकार तत्परता के साथ कराएगी चुनाव: झाबर सिंह खर्रा


राज्य पिछडा वर्ग आयोग एवं निर्वाचन आयोग के निर्णयों के अनुसार राज्य सरकार तत्परता के साथ कराएगी चुनाव: झाबर सिंह खर्रा

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जयपुर। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि स्वायत्त शासन विभाग के नगर निकायों के चुनाव जल्दी से जल्दी हों। हम आवश्यक वैधानिकता के साथ चुनाव कराने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे चुनावों को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। इस तरह की बयानबाजी से पहले वो अपने गिरेबान में झांकें। उन्होंने अपने कार्यकाल में चुनाव को मजाक बना कर रखा था और आज वो अनावश्यक बयान और सलाह दे रहे हैं। 

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा  ने कहा कि राज्य सरकार ने सितम्बर 2025 में ही नगर निकायों के चुनावों के लिए आवश्यक काम पूरा कर लिया था और अधिसूचनाएं प्रकाशित करवा दी थी। खर्रा ने कहा कि हमने इसे लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अपील दायर की लेकिन निर्णय से पहले ही उच्च न्यायालय ने नोखा नगरपालिका के लिए अपना निर्णय सुनाया। निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 10 राज्य सरकार को अधिकृत करती है कि वो नगर निकायों की सीमा में परिवर्तन, पुनर्गठन एवं पुनर्सीमांकन कर सकती है। इस तरह से अब हमारे 309 नगर निकायों में चुनाव को लेकर कोई बाधा नहीं है। 

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य पिछडा वर्ग आयोग की रिपोर्ट है। यह रिपोर्ट जब तक प्रस्तुत नहीं होती है तब तक हम अन्य पिछडा वर्ग को आरक्षण नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा में भी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और अन्य नेताओं ने यह प्रश्न उठाया था। मैंने जब भी कहा था कि अगर आपकी मंशा यह है कि अन्य पिछडा वर्ग को आरक्षण दिए बिना ही चुनाव करा दिए जाएं तो आप लिखित में मांग करें हम निश्चित रूप से उस पर उचित निर्णय करेंगे। लेकिन आज तक कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक दल की तरफ से ऐसी कोई मांग नहीं आई है। 

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य पिछडा वर्ग आयोग दोनों संवैधानिक संस्थाएं हैं। ये दोनों संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं। जब भी यह दोनों संस्थाएं इस प्रकरणों में अपना निर्णय प्रस्तुत कर देंगी राज्य सरकार तुरंत उसके अनुसार आगे की कार्यवाही कर चुनाव कराने के लिए तत्पर रहेगी।


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