



जयपुर। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने राजस्थान से अपने 100 पदाधिकारियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं को पश्चिम बंगाल, आसाम, केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के लिए भेजने की रणनीति बनाई है। इन राज्यों में प्रवासी राजस्थानियों की बड़ी आबादी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रभारी की मांग पर राजस्थान से 16 नेताओं की पहली टीम भेजी जा चुकी है। आगामी चरण में आसाम, केरल और तमिलनाडु के लिए भी इसी तरह की टीमें तैयार की जाएंगी। इसके लिए संबंधित राज्यों के चुनाव प्रभारी प्रवासी राजस्थानियों की अधिक आबादी वाली विधानसभा सीटों की सूची तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को भेज रहे हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से चुनाव प्रबंधन, सोशल मीडिया और आईटी सेल के अनुभवी नेताओं की सूची तैयार की जा रही है, जिन्हें इन राज्यों में जिम्मेदारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इन राज्यों में प्रचार अभियान में शामिल होंगे। हाल ही में वे केरल में भाजपा प्रत्याशियों की नामांकन रैलियों में भाग ले चुके हैं।
पश्चिम बंगाल और आसाम में प्रवासी राजस्थानियों की संख्या अधिक मानी जाती है, जहां करीब 25 लाख राजस्थानियों की आबादी बताई जाती है। विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र के लोग इन राज्यों में व्यापार और उद्योग से जुड़े हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में भेजी गई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, विधायक जितेंद्र गोठवाल, विधायक अतुल भंसाली, पूर्व सांसद मनोज राजोरिया सहित कई नेता शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को पश्चिम बंगाल का चुनाव प्रभारी और भाजपा नेता सुनील बंसल को संगठन प्रभारी बनाया गया है। दोनों नेताओं को चुनावी रणनीति और जमीनी फीडबैक लेने में दक्ष माना जाता है।
भाजपा का लक्ष्य इन राज्यों में प्रवासी राजस्थानियों के साथ-साथ स्थानीय समाज को भी पार्टी की नीतियों से जोड़ना है। इसके लिए राजस्थान के शहरों में रह रहे बंगाली समाज के साथ भी संपर्क अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है, ताकि वे अपने गृह राज्यों में भाजपा के पक्ष में मतदान कर सकें।