



नई दिल्ली। साहित्य अकादमी ने वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा करते हुए राजस्थानी साहित्य के क्षेत्र में डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को उनके चर्चित कहानी संग्रह ‘भरखमा’ के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया है। वहीं हिंदी साहित्य की वरिष्ठ लेखिका ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। पुरस्कारों की घोषणा 16 मार्च 2026 को की गई, जबकि विजेताओं को 31 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कार मिलने पर डॉ. सोनी ने भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान वे उस राजस्थानी भाषा और उन सभी लोगों को समर्पित करते हैं, जिनसे उन्होंने भाषा का प्रारंभिक ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा की समृद्ध परंपरा, व्याकरण और साहित्यिक विरासत को संरक्षित और विकसित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से अपनी मातृभाषा को व्यवहार और व्यापार की भाषा बनाए रखने का आह्वान भी किया।
गौरतलब है कि ‘भरखमा’ कहानी संग्रह पर आधारित एक राजस्थानी फिल्म भी बन चुकी है, जिसका निर्देशन श्रवण सागर ने किया है। इस फिल्म को विभिन्न मंचों और फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना के साथ कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
डॉ. सोनी का साहित्यिक सफर भी बेहद समृद्ध रहा है। उनकी प्रमुख कृतियों में ‘चिराग’, ‘रेगमाल’, ‘रणखार’, ‘यादावरी’, ‘आपणा रूंख’ और ‘म्हारै पांती रा पानी’ जैसे कहानी संग्रह शामिल हैं, जिनमें राजस्थान के लोकजीवन, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।
इस घोषणा के बाद साहित्यिक जगत में खुशी की लहर है। साहित्यकारों का मानना है कि यह सम्मान न केवल डॉ. सोनी के योगदान को राष्ट्रीय पहचान देगा, बल्कि राजस्थानी भाषा और साहित्य को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।