



जयपुर। राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की करीब 170 दिन बाद हुई रिहाई का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पहले राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसी कठोर धाराएं लगाना और फिर अचानक उन्हें हटाना सरकार की मंशा को उजागर करता है। जूली ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए खतरा है।
उन्होंने कहा कि वांगचुक की लंबी हिरासत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चिंता का विषय रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम भाजपा की दमनकारी नीतियों और सत्ता के अहंकार को दर्शाता है, जिसकी चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई।
एलपीजी संकट को लेकर भी जूली ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गैस की किल्लत से आमजन परेशान हैं, लेकिन सरकार इस समस्या के समाधान के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार कांग्रेस से लड़ने के बजाय कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करती, तो आज जनता को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
नेता प्रतिपक्ष ने बालोतरा में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में भी मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी अमानवीय प्रथा का जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक श्रमिकों के परिजनों को उचित मुआवजा तथा हर संभव सहायता दी जाए। साथ ही उन्होंने दिवंगत श्रमिकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।