



जयपुर। अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस के अवसर पर जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में महिला मीडिया कर्मियों के लिए “जर्नलिस्ट्स फॉर वॉटर सिक्योरिटी: मीडिया डायलॉग ऑन वॉटर, क्लाइमेट एंड चिल्ड्रेन” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला द फ्यूचर सोसाइटी और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
कार्यक्रम में वॉटरशेड डेवलपमेंट एंड सॉयल कंजर्वेशन के डायरेक्टर डॉ. मुहम्मद जुनैद ने कहा कि वॉटर बॉडीज़ के विकास और संरक्षण के लिए महिला नेतृत्व बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को जल से जुड़े निर्णयों में समान भागीदारी मिलती है, तो जल सेवाएं अधिक समावेशी और टिकाऊ बनती हैं।
यूनिसेफ के चीफ केएल राव ने राजस्थान में जल संरक्षण के प्रयासों में महिला मीडिया कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैलाकर जल संकट के समाधान में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
कार्यशाला में यूनिसेफ राजस्थान के वॉश स्पेशलिस्ट रूषभ हिमानी ने अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस 2026 की थीम “जल और लैंगिक समानता – जहाँ जल बहता है, समानता पनपती है” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल संकट का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है, इसलिए जल प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है।
तकनीकी सत्र में सोहिब खान ने राजस्थान में जल संकट, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और बाल अधिकारों पर इसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पत्रकारों को जल से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी रिपोर्टिंग के लिए डेटा आधारित दृष्टिकोण अपनाने और सामुदायिक समाधानों को सामने लाने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम के दौरान “जेंडर इन द मीडिया रूम: वूमेन जर्नलिस्ट्स शेपिंग द वॉटर नैरेटिव” विषय पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें महिला पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा किए और मीडिया की भूमिका पर विचार रखे।
द फ्यूचर सोसाइटी की सचिव डॉ. मीना शर्मा ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं पत्रकारों को जल और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर जिम्मेदार रिपोर्टिंग के लिए प्रेरित करती हैं और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर डॉ. ज्योति जोशी, प्रेरणा साहनी, अर्चना शर्मा, शालू सचेदेवा, आशा पटेल, मनीमाला शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार उपस्थित रहीं। यूनिसेफ के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अंकुश सिंह ने प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस 2026 की शुभकामनाएं दीं। वहीं परितोष गुप्ता (चीफ इंजीनियर, पीएचईडी) और निशा शर्मा (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पीएचईडी) ने जल संरक्षण से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने जल संरक्षण को अपनी रिपोर्टिंग में प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।