



खाटू श्याम। आस्था और भक्ति का एक अनोखा दृश्य तब सामने आया जब ‘डॉग भगत’ के नाम से चर्चित एक कुत्ते को आखिरकार खाटू श्याम मंदिर में VIP दर्शन कराए गए। कहा जाता है कि भगवान के दरबार से सच्चा भक्त खाली हाथ नहीं लौटता। यही भाव उस समय जीवंत हो उठा जब एकादशी के पावन दिन डॉग भगत को विशेष रूप से मंदिर में प्रवेश देकर दर्शन कराए गए। पुजारी ने उसके गले में फूलों की माला पहनाई और मोरपंख भेंट कर सम्मानित किया।
यह डॉग अपने मालिक के साथ 23 फरवरी को जयपुर के जोबनेर से पदयात्रा करते हुए खाटू पहुंचा था। लंबी यात्रा के दौरान उसके पंजे छिल गए, छाले पड़ गए, लेकिन वह रुका नहीं। रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद उसकी आस्था और साथ निभाने की भावना ने लोगों का ध्यान खींचा।
हालांकि जब वह मंदिर परिसर की दहलीज पर पहुंचा तो सुरक्षाकर्मियों ने उसे कतार से बाहर कर दिया और मंदिर में प्रवेश नहीं दिया। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने कहानी बदल दी। श्याम भक्तों के बीच डॉग भगत की चर्चा तेज हो गई। मामला मंदिर कमेटी तक पहुंचा, जिसके बाद कुत्ते के मालिक की तलाश की गई और उन्हें फोन कर विशेष रूप से बुलाया गया।
इसके बाद मंदिर प्रशासन की ओर से डॉग भगत को VIP दर्शन कराए गए। यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए भावुक और प्रेरणादायक बन गया।
धार्मिक संदर्भ में भी इस घटना की तुलना महाभारत के ‘महाप्रस्थानिक पर्व’ से की जा रही है। कथा के अनुसार, युधिष्ठिर जब स्वर्ग के द्वार पर पहुंचे तो उनके साथ एक कुत्ता था, जो वास्तव में धर्मराज थे। इंद्र ने कुत्ते को स्वर्ग में प्रवेश की अनुमति नहीं दी, लेकिन युधिष्ठिर ने कहा कि यदि कुत्ते को प्रवेश नहीं मिलेगा तो वे भी नहीं जाएंगे। अंततः यह उनकी परीक्षा थी जिसमें वे सफल हुए।
डॉग भगत की यह कहानी आस्था, समर्पण और निष्ठा का प्रतीक बनकर सामने आई है। फिलहाल श्रद्धालुओं के बीच इस अनोखी भक्ति की खूब चर्चा हो रही है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।