



राजस्थान विधानसभा में गुरुवार को ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसके चलते सदन का माहौल कई बार गरमा गया। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जवाब से नाराज कांग्रेस विधायकों ने जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही करीब 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सीकर जिले में खेल मैदान से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि विपक्ष विशेष रूप से उसी स्थान पर मैदान क्यों चाहता है और क्या उस जमीन पर किसी खास व्यक्ति की नजर है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस बयान पर कांग्रेस विधायक भड़क गए। राजेंद्र पारीक ने मंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा जवाब असंतुलित मानसिकता वाला व्यक्ति ही दे सकता है। इसके बाद सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और कांग्रेस विधायकों ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। बढ़ते हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही को दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक स्थगित कर दिया।
पशुपालन मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने नाराजगी जताई,पशुपालन मंत्री बोले- इस साल 42 लाख में से 31.10 लाख पशुओं का बीमा
कार्यवाही पुनः शुरू होने के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू हुई, लेकिन प्रश्नकाल के दौरान पशुधन बीमा योजना को लेकर फिर से सदन में विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने योजना के क्रियान्वयन और बीमा लक्ष्य को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि मार्च तक 42 लाख पशुओं के बीमा का लक्ष्य कैसे पूरा किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी पूरक सवाल उठाते हुए सरकार की तैयारी पर सवाल खड़े किए।
इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री एवं सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने विपक्ष की भाषा पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मंत्री सदन के सदस्य हैं, किसी के गुलाम नहीं हैं और प्रश्न विनम्रता से पूछे जाने चाहिए। इस टिप्पणी के बाद सदन में फिर हंगामे की स्थिति बन गई, हालांकि स्पीकर ने अगला सवाल लेकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने जवाब देते हुए बताया कि सरकार ने इस वर्ष 42 लाख पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें अब तक 31 लाख 10 हजार 735 पशुओं का पंजीकरण हो चुका है और 16 लाख से अधिक पशुपालकों को बीमा पॉलिसी जारी की जा चुकी है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कामधेनु बीमा योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उस योजना में बड़े स्तर पर आवेदन लिए गए, लेकिन लाभ पशुपालकों तक नहीं पहुंचा। वर्तमान सरकार द्वारा लंबित दावों का भुगतान किए जाने का भी दावा किया गया।
कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी द्वारा मंत्री को लेकर की गई टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में फिर से तीखी बहस शुरू हो गई। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली पर निशाना साधते हुए पलटवार किया। पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में कई बार शोरगुल और आरोप-प्रत्यारोप का माहौल बना रहा।