



राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने मंगलवार को जयपुर स्थित विधानसभा भवन में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान प्रदेश से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन से संबंधित मुद्दों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनता की भावनाओं और अपेक्षाओं को प्रभावी रूप से अभिव्यक्ति मिलती है। उन्होंने संसदीय परंपराओं, मर्यादाओं और सदन की गरिमा को बनाए रखने में अध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को रेखांकित किया और लोकतांत्रिक संवाद की निरंतरता को आवश्यक बताया।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पूर्व मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवाद और सकारात्मक विचार-विमर्श स्वस्थ राजनीतिक परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों का साझा उद्देश्य प्रदेश के विकास, सुशासन को मजबूत करना और आमजन के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए।
इस शिष्टाचार भेंट को प्रदेश की राजनीति में संवाद और सहयोग की सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें विभिन्न जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।