



राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार को उस समय गरमा गई जब खाद्य विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में वितरित एक बुकलेट को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के जवाब से ठीक पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सदन में राजस्व विभाग की ओर से वितरित बुकलेट का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि उसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की फोटो प्रकाशित की गई है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि सरकारी विभाग की ओर से वितरित किसी भी आधिकारिक सामग्री में राजनीतिक दल या उसके पदाधिकारियों का प्रचार नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे प्रशासनिक निष्पक्षता के खिलाफ बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने देर शाम सदन में जोरदार हंगामा और नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही प्रभावित रही। विपक्ष ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
इससे पहले बिजली और खाद्य विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर बहस के दौरान एक अलग ही राजनीतिक रंग देखने को मिला। डूंगरगढ़ से भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत अपने भाषण के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की प्रशंसा करते नजर आए। जैसे ही जूली सदन में पहुंचे, सारस्वत ने मुस्कुराते हुए कहा कि जूली बहुत भले व्यक्ति हैं और उनकी विचारधारा भाजपा के करीब लगती है।
भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि टीकाराम जूली सदन में शालीनता और सभ्यता के साथ अपनी बात रखते हैं, जबकि अन्य विपक्षी नेता अक्सर आक्रामक अंदाज अपनाते हैं। उनके इस बयान पर सदन में हल्की हंसी और राजनीतिक टिप्पणियों का माहौल बन गया।
हालांकि बुकलेट विवाद ने जल्द ही सदन का माहौल फिर गरमा दिया और कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा, जिससे दिनभर की कार्यवाही राजनीतिक तनाव के बीच चलती रही।