



राजस्थान विधानसभा का पंचम सत्र मंगलवार, 24 फरवरी 2026 से प्रारंभ हो गया, जिसकी बैठक प्रातः 11:00 बजे आयोजित की गई। विधानसभा की कार्यसूची के अनुसार सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, जिसमें सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर संबंधित मंत्रियों द्वारा दिए जाएंगे। इसके बाद ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से विभिन्न जनहित मुद्दों को सदन के समक्ष उठाया जाएगा।
कार्यसूची में शामिल ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के तहत विधायक अमित चाचाण द्वारा विधानसभा में आश्रितों को अनुकंपात्मक नियुक्ति से जुड़े विषय पर संसदीय कार्य मंत्री का ध्यान आकर्षित किया जाएगा। वहीं विधायक राकेश राठौड़ ने अजमेर जिले के ग्राम अजयसर में भूमि आवंटन से उत्पन्न स्थिति का मुद्दा उठाया है। इसके अतिरिक्त विधायक अशोक कुमार कोठारी द्वारा निजी कंपनी से जुड़े खनन पट्टों की शर्तों के उल्लंघन से उत्पन्न हालात पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित कराया जाएगा।
सत्र के दौरान विभिन्न विधानसभा समितियों के प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे। अल्पसंख्यक कल्याण एवं पर्यावरण संबंधी समिति तथा अनुसूचित जाति कल्याण समिति के वर्ष 2025-26 के प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सदन को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही विधायकों द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित विकास कार्यों, सार्वजनिक सुविधाओं, अवैध खनन नियंत्रण, सामुदायिक केंद्र निर्माण तथा आधारभूत ढांचे के विकास से जुड़ी याचिकाएं भी सदन में रखी जाएंगी।
विधानसभा की कार्यवाही का महत्वपूर्ण हिस्सा वर्ष 2026-27 के बजट की द्वितीय अवस्था से संबंधित रहेगा। इस दौरान ऊर्जा विभाग तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान किया जाएगा। सरकार द्वारा प्रस्तुत इन अनुदान मांगों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत बहस होने की संभावना है, जिसमें प्रदेश की विकास योजनाओं, बिजली व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं पर व्यापक चर्चा होगी।
राजस्थान विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बजट चर्चा के साथ-साथ जनहित मुद्दों, प्रशासनिक निर्णयों और विकास योजनाओं पर सरकार की दिशा और प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत मिलेगा।