



जयपुर के मुरलीपुरा क्षेत्र में सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के संदेश के साथ उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न समाजों, जातियों और पंथों से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर एकता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। सम्मेलन की शुरुआत भारत माता एवं भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसके बाद सांस्कृतिक एवं वैचारिक सत्र आयोजित किए गए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए बड़ पीपली बालाजी धाम के महंत श्री प्रमेन्द्र नाथ ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में दिए गए पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य—आज के समय में राष्ट्र और समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले महत्वपूर्ण सूत्र हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव सभी को आत्मसात किया है और समाज को मजबूत बनाने के लिए सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आत्मरक्षा और संगठन शक्ति भी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विश्व हिन्दू परिषद जयपुर प्रांत के मंत्री राकेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में छत्रपति शिवाजी महाराज की माता जीजाबाई के उदाहरण के माध्यम से नारी शक्ति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं की भूमिका सदैव निर्णायक रही है। मुख्य अतिथि उद्यमी वीरेंद्र जांगिड़ ने युवाओं को रोजगार के पीछे भागने के बजाय उद्यमिता और स्वावलंबन अपनाने की प्रेरणा दी तथा आत्मनिर्भर भारत निर्माण में युवाओं की भागीदारी को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम संयोजक विनोद खूंटेटा ने जानकारी दी कि सम्मेलन के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता और सद्भाव को मजबूत करने का प्रयास किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कलश यात्राओं में भाग लेकर सांस्कृतिक परंपराओं और सामूहिक चेतना का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा तलवार चलाकर शौर्य प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह में उत्साह और गौरव की भावना पैदा की।
सम्मेलन में समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, गौ संवर्धन, चिकित्सा सेवा और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों को पंच परिवर्तन विशिष्ट सम्मान प्रदान किए गए। इसके साथ ही समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग देने वाले 20 भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत गणेश वंदना, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और चंग-धमाल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय मिश्रा ने किया तथा बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा और आमजन उपस्थित रहे।