



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद एक बेहद भावुक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जिसने राजनीतिक माहौल के बीच मानवीय संवेदनाओं की झलक पेश की। बैठक समाप्त होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधायकों से मिलते हुए आगे बढ़ रहे थे और सभी से आत्मीयता के साथ संवाद कर रहे थे।
इसी दौरान कांग्रेस विधायक रमिला खड़िया उनके पास खड़ी थीं। अशोक गहलोत ने स्नेहपूर्वक उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य देखकर पास खड़ी मंडावा से कांग्रेस विधायक रीटा चौधरी ने मुस्कराते हुए पीछे से कहा, “मेरे सिर पर हाथ नहीं रखा।” उनकी बात सुनते ही अशोक गहलोत तुरंत मुड़े और पूरे अपनत्व के साथ रीटा चौधरी के सिर पर भी आशीर्वाद का हाथ रख दिया।
यह पल वहां मौजूद विधायकों के लिए भावुक और सहज मानवीय क्षण बन गया। राजनीतिक हलचल के बीच यह दृश्य पार्टी के भीतर आपसी आत्मीयता, सम्मान और पारिवारिक माहौल का प्रतीक माना गया। लंबे राजनीतिक अनुभव और शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले अशोक गहलोत को अक्सर ‘राजनीतिक जादूगर’ कहा जाता है, लेकिन इस मौके पर उनका संवेदनशील और स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व भी सामने आया।
विधानसभा परिसर में घटित यह छोटा सा प्रसंग नेताओं के बीच मानवीय रिश्तों और आपसी सम्मान की भावना को दर्शाता नजर आया, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में भी होती रही।