



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के अधूरे कार्यों को लेकर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गई। विपक्ष का आरोप था कि प्रदेश के कई शहरों में सीवरेज परियोजनाओं के कारण सड़कें खोदी हुई हैं और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि काम अब भी अधूरे हैं।
उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने सवाल उठाते हुए कहा कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के काम लंबे समय से लटके हुए हैं और इनके पूरा होने की स्पष्ट समयसीमा सरकार बताए। जवाब में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पिछली सरकार के समय हुए टेंडर और तकनीकी खामियों को देरी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि कई जगह पाइपलाइन का इनलेट-आउटलेट लेवल तकनीकी रूप से गलत रखा गया था, जिससे प्रोजेक्ट प्रभावी तरीके से संचालित नहीं हो पा रहे थे और अब इन त्रुटियों को सुधारा जा रहा है। मंत्री के जवाब पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इसे “अनुकूल जवाब नहीं मिलने पर किया गया वॉकआउट” बताते हुए निंदनीय कहा, जबकि बसपा विधायक मनोज न्यांगली ने भी कहा कि बार-बार के हंगामे से अन्य सदस्यों का समय प्रभावित होता है।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा बोले- प्रदेश में यूरिया-डीएपी के लिए किसानों की लाइनें कम लगी
विधानसभा में कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि यूरिया-डीएपी की कोई कमी नहीं है। इस बार खाद के लिए कई जगह किसानों की लाइनें लगीं, लेकिन उतनी नहीं लगी।
कोई अनहोनी नहीं हुई। कहीं लाठीचार्ज नहीं हुआ, जैसा पिछले राज के दौरान हुआ करता था। केंद्र सरकार से हमें मांग के अनुसार यूरिया-डीएपी मिला। कहीं भी कमी नहीं है।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- कई जगह किसानों की लाइनें लगीं, उसके कुछ कारण थे। एक तो इस बार मानसून लंबा चला और जमीन में लंबे समय तक नमी बनी रही। इससे रकबा बढ़ा और खाद की जरूरत ज्यादा हुई।
नकली खाद-बीज बनाने वाली 27 फैक्ट्रियों पर ताले
नकली खाद-बीज बेचने वालों पर कार्रवाई के सवाल पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि पिछले राज में रिटेलर ट्रेडर्स की आदत बिगड़ गई थी। हमने नकली खाद-बीज बेचने और बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नकली खाद-बीज के मामलों में पकड़ी गई 27 फैक्ट्रियों को सीज किया। उन पर अब भी ताले लगे हुए हैं। नकली खाद-बीज बेचने वालों के खिलाफ 100 से ज्यादा मुकदमे हुए जबकि कांग्रेस राज में केवल 20 मुकदमे हुए थे। हमने 169 के लाइसेंस निरस्त किए। 28 केसों में गिरफ्तारी की है। 21 मामलों में आरोपियों ने अग्रिम जमानत ली है।
शिक्षा मंत्री बोले- कांग्रेस ने स्कूली बच्चों का भविष्य अंधकार में डाला
प्रदेश के स्कूलों में खाली पदों से जुड़े सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पिछली सरकार ने 6264 स्कूल क्रमोन्नत किए, लेकिन एक भी नया पद सृजित नहीं किया।
अंग्रेजी स्कूल क्रमोन्नत किए, उनमें भी एक नया पद नहीं बनाया। कांग्रेस सरकार ने 50 हजार पद सृजित नहीं किए। इन्होंने लाखों बच्चों का भविष्य अंधकारमय किया। बच्चों को कक्षा में बैठा दिया, लेकिन पढ़ाने वाला कोई नहीं था। कांग्रेस सरकार ने स्कूली बच्चों के साथ अत्याचार किया है।
शिक्षकों के 72 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया जारी
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि हम स्कूलों में खाली पदों को भर रहे हैं। 2024 में कुल 2202 पदों पर भर्ती निकाली। उनके सभी विषयों पर रिजल्ट जारी हो चुके हैं। 2025 में 3225 पदों की भर्ती निकाली। वरिष्ठ अध्यापक के 2024 में 2129, 2025 में 6500 की भर्ती निकाली। अभी तक 72 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस ने पदों को भरा नहीं। इसके कारण लाखों बच्चे शिक्षा से वंचित रह गए। जो बच्चे मेरिट में आ सकते थे, अच्छे डिवीजन से पास हो सकते थे, वे नहीं हुए। कांग्रेस ने उनका भविष्य अंधकारमय बनाया।
शिक्षा मंत्री दिलावर के जवाब पर आपत्ति, बीच में टोकने पर सभा अध्यक्ष देवनानी ने फटकारा
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के जवाब के दौरान बीच में टोकने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधायक को फटकार लगाई और कहा कि जिन्होंने सवाल लगाया है, पहले वे पूरक सवाल पूछेंगे।