



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार, 20 फरवरी को प्रातः प्रश्नकाल के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब और स्पष्टीकरण मांगा। सदन में दिनभर महत्वपूर्ण विधायी कार्यवाही होने की संभावना है, जिसमें जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रमुख रहेगी।
शून्यकाल के दौरान विधायक पर्ची, स्थगन प्रस्ताव, नियम 295 तथा ध्यान आकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याएं और मुद्दे सदन के समक्ष रखेंगे। शून्यकाल को आमतौर पर जनप्रतिनिधियों के लिए स्थानीय समस्याओं को सरकार के सामने उठाने का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है, जहां सड़क, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक विषयों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठते हैं।
विधानसभा की आज की कार्यसूची के अनुसार सहकारिता विभाग और कृषि विभाग की अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा होगी। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के विधायक विभागीय योजनाओं, किसानों से जुड़े मुद्दों, सहकारी संस्थाओं की स्थिति तथा कृषि विकास से संबंधित विषयों पर अपने विचार रखेंगे। चर्चा के बाद संबंधित मंत्री विभागों की ओर से जवाब देंगे और अनुदान मांगों को सदन की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।


