Saturday, 29 August 2026

प्रश्नकाल में हंगामा: जलदाय, टीएडी और विश्वविद्यालय शुल्क मुद्दों पर तीखी नोकझोंक, विधानसभा अध्यक्ष देवनानी को दिखानी पड़ी सख्ती


प्रश्नकाल में हंगामा: जलदाय, टीएडी और विश्वविद्यालय शुल्क मुद्दों पर तीखी नोकझोंक, विधानसभा अध्यक्ष देवनानी को दिखानी पड़ी सख्ती

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में 18 फरवरी बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। सदन में सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के चलते विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा और टोकाटाकी कर रहे विधायकों को फटकार लगानी पड़ी। जलदाय, जनजाति क्षेत्रीय विकास (टीएडी) और विश्वविद्यालयों में शुल्क वसूली जैसे मुद्दों पर बहस ने सदन का माहौल गरमा दिया।

जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और कांग्रेस विधायकों में तीखी बहस

कांग्रेस विधायक रुपिंदर कुनर के पूरक सवाल पर जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत ढाणियों में पानी कनेक्शन देने के मुद्दे पर जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने नहरी क्षेत्रों में पंजाब से आने वाले पानी में हेवी मेटल की समस्या का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नहरबंदी के समय ज्यादा दिक्कत आती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि सबको स्वच्छ पानी मिले।

कांग्रेस विधायकों ने सीधा जवाब देने की मांग की, जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का नाम आने से आपत्ति क्यों है। इस दौरान स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों को अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी।

मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अभी हेवी मेटल की जांच के लिए लैब जयपुर में ही है, लेकिन जल्द ही श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में भी टेस्ट लैब स्थापित की जाएगी।

आश्रम-हॉस्टलों में बिना टेंडर खरीद पर टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी घिरे

जनजाति क्षेत्रों के आश्रम हॉस्टलों में बिना टेंडर खाद्य सामग्री खरीद के मुद्दे पर टीएडी मंत्री बाबूलाल खराड़ी विपक्ष के निशाने पर रहे। कांग्रेस विधायक अर्जुन सिंह बामनिया ने अलग-अलग हॉस्टलों में घी की खरीद दरों में भारी अंतर का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कहीं 800 रुपये लीटर, कहीं 550 और कहीं 408 रुपये लीटर के हिसाब से घी खरीदा गया, जो गंभीर अनियमितता का संकेत है।

मंत्री दरों का स्पष्ट अंतर नहीं बता सके, जिस पर विपक्ष ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। लंबी नोकझोंक के बाद स्पीकर ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए और कहा कि दोषी पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

विश्वविद्यालयों में विमर्श शुल्क पर विशेषाधिकार हनन का आरोप

राजस्थान के विश्वविद्यालयों में प्राइवेट छात्रों से एक हजार रुपये विमर्श शुल्क वसूलने के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा के बीच तीखी बहस हुई। जूली ने आरोप लगाया कि एक ही सवाल पर दो अलग-अलग जवाब देकर सदन के विशेषाधिकार का हनन किया गया है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि विश्वविद्यालय कानून के तहत शुल्क लेने के लिए स्वतंत्र हैं। जूली ने जवाब दिया कि एक्ट का स्पष्ट प्रावधान दिखाया जाए और छात्रों से वसूली गई फीस वापस ली जाए। इस मुद्दे पर बढ़ते हंगामे के बीच स्पीकर ने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल में सवाल पर विस्तृत बहस नहीं हो सकती। लगातार शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल समाप्त हो गया।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की सख्ती से संभला सदन

लगातार व्यवधान और तीखी टिप्पणियों के बीच स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को मर्यादा में रहकर जवाब देने और सवाल पूछने की हिदायत दी। प्रश्नकाल का समापन हंगामे के बीच हुआ, जिससे सदन का माहौल पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।

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