Tuesday, 10 February 2026

अमेरिका भारत पर रूस से सस्ता तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है: सर्गेई लावरोव


अमेरिका भारत पर रूस से सस्ता तेल न खरीदने का दबाव बना रहा है: सर्गेई लावरोव

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मॉस्को। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह भारत सहित कई देशों पर दबाव बना रहा है ताकि वे रूस से सस्ता तेल न खरीदें। लावरोव ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को अपने नियंत्रण में रखना है, ताकि अन्य देश मजबूर होकर महंगी अमेरिकी गैस और ऊर्जा संसाधन खरीदें। उन्होंने ये बयान 9 फरवरी को डिप्लोमैटिक वर्कर्स डे के अवसर पर दिए।

लावरोव ने कहा कि अमेरिका अब डॉलर को एक “हथियार” के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। रूस की विदेशों में रखी संपत्तियों को फ्रीज किया गया है और लगातार नए-नए प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक प्रतिबंधों का यह तरीका अंतरराष्ट्रीय नियमों और निष्पक्ष व्यापार की भावना के खिलाफ है।

रूसी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार भले ही यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की बात करती रही हो, लेकिन रूस पर लगाए गए पुराने प्रतिबंध आज भी जारी हैं। रूस का दावा है कि यूक्रेन मुद्दे पर संभावित सहमति बनने के बाद भी अमेरिका ने नए प्रतिबंध लगाए, जिससे तनाव और बढ़ा।

भारत और BRICS देशों पर रूस से दूरी बनाने का दबाव

लावरोव ने कहा कि अमेरिका भारत और अन्य BRICS देशों पर रूस से दूरी बनाने का दबाव बना रहा है। उन्होंने बताया कि रूस की प्रमुख तेल कंपनियों लुकोइल और रोसनेफ्ट पर रोक लगाकर रूस के व्यापार और निवेश को सीमित करने की कोशिश की जा रही है। लावरोव के अनुसार, यह नीतियां “गलत, अनुचित और दबाव की राजनीति” का उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदल रही है। पहले अमेरिका डॉलर के जरिए पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली पर हावी था, लेकिन अब उसकी पकड़ कमजोर हो रही है। इसके विपरीत, भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

लावरोव ने यह भी कहा कि अफ्रीकी देश अब केवल कच्चा माल बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे अपने यहां उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो वैश्विक शक्ति संतुलन में बड़े बदलाव का संकेत है।

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