



नई दिल्ली। विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश कर दिया है। इसके साथ ही बजट सत्र के 10वें दिन मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित रही और प्रश्नकाल पूरी तरह नहीं चल सका। सुबह 11 बजे सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया, जिसके चलते महज एक मिनट के भीतर ही चेयर पर मौजूद पीसी मोहन ने सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया।
दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा। इस दौरान सांसद “वी वॉन्ट जस्टिस” के नारे लगाते रहे। लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही फिर बाधित हुई और लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष की मांगों और नारेबाजी के बीच किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा नहीं हो सकी।
हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से हाथ जोड़कर अपील की कि बजट पर चर्चा होने दी जाए। उन्होंने कहा कि रोज़ाना के हंगामे से संसद का कामकाज ठप हो रहा है और इससे देश का नुकसान हो रहा है। रिजिजू ने कहा कि संसद में चर्चा और संवाद लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन लगातार व्यवधान के कारण विधायी कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
दोपहर 2 बजे जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो स्पीकर की चेयर पर ओम बिरला के स्थान पर केपी तेनेट्टी बैठे। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर को आम बजट पर चर्चा शुरू करने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ ही बजट बहस को आगे बढ़ाने की औपचारिक शुरुआत की गई, हालांकि सदन का माहौल अब भी तनावपूर्ण बना रहा।
लोकसभा में आम बजट पर चर्चा शुरू, सरकार केवल हेडलाइन मैनेज करती है, असलियत कुछ और है: शशि थरूर
कांग्रेस का सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा के दौरान सरकार के काम के आंकड़े रखे। उन्होंने कई योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार केवल हेडलाइन मैनेज करती है, असलियत कुछ और है।
उन्होंने कहा कि जल जीवन में केवल 9 महीने में 31 करोड़ खर्च हुए, पीएम अनुसूचित जाति के विकास के लिए 240 में 40 करोड़ खर्च हुए। सरकार ने कहा कि टैक्स कम आ रहै है, आम जनता पर टैक्स बर्डन बढ़ गया है जो कंपनियों पर होना चाहिए था।
थरूर ने कहा कि सरकार ने भारत को घाटे में लाकर खड़ा कर दिया है। आम आदमी के लिए बोझ बढ़ रहा है, ये है आपके बजट का हाल।
किसानों के बारे में कहा कि हमें एग्रीकल्चर सेक्टर पर ज्यादा ध्यान देना होगा। उसे इग्नोर नहीं कर सकते। फसल बीमा योजना फेल हो गई है। किसानों को मुआवजा 2 रुपए 3 रुपए मिलता है।
थरूर ने सरकार से कहा कि हमारे किसानों की आय दोगुनी करने का वादा आपसे पूरा नहीं हुआ, किसान सम्मान निधि बढ़ा दीजिए।