



जयपुर। राजस्थान सरकार का बजट 11 फरवरी को पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आने वाले इस बजट को युवाओं, महिलाओं, किसानों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण विकास के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बजट से पहले मिले संकेतों के अनुसार सरकार रोजगार, कृषि, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े ऐलान कर सकती है। माना जा रहा है कि यह बजट सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास—दोनों के बीच संतुलन साधने की कोशिश करेगा।
बजट में युवाओं के लिए करीब एक लाख नई भर्तियों की घोषणा संभव है। आरएएस और उच्च पदों को छोड़कर अधिकांश सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू प्रक्रिया खत्म कर केवल लिखित परीक्षा के आधार पर चयन करने की घोषणा हो सकती है। साथ ही मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना में चयनित युवाओं की संख्या बढ़ाने और स्किल-डेवलपमेंट कार्यक्रमों के बजट में इजाफा किए जाने के संकेत हैं।
किसानों को दी जाने वाली सम्मान निधि की राशि बढ़ाने की घोषणा संभव है, जिसे फेज-मैनर में ₹12,000 तक ले जाने की योजना बताई जा रही है। सहकारी बैंकों के जरिए बिना ब्याज फसली कर्ज योजना का दायरा बढ़ेगा और लाखों नए किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। एमएसपी पर गेहूं सहित कुछ फसलों पर बोनस बढ़ाने, तथा बाजरा-ज्वार जैसी फसलों की खरीद शुरू करने के संकेत हैं।
इसके अलावा माइक्रो इरिगेशन, फार्म पॉन्ड, ग्रीन हाउस, शेडनेट, मल्चिंग और लो-टनल जैसी हाईटेक खेती योजनाओं का बजट बढ़ाने की उम्मीद है। छोटे स्तर की नई सिंचाई परियोजनाएं और कमांड एरिया विस्तार की घोषणाएं भी हो सकती हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 15% बढ़ोतरी का प्रावधान संभव है। महिलाओं के लिए डेयरी प्रोत्साहन योजना, लखपति दीदी योजना का विस्तार, मेधावी छात्राओं को स्कूटी योजना का दायरा बढ़ाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को अधिक वित्तीय सहायता देने के संकेत हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा सहयोगियों के लिए प्रोत्साहन राशि की घोषणा भी हो सकती है।
बजट में जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और नए स्कूल भवन बनाने के लिए अलग प्रावधान संभव है। मेडिकल और पैरामेडिकल संस्थानों में सीटें बढ़ाने, खाली पद भरने, नए मेडिकल कॉलेजों का काम पूरा करने और हर जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की दिशा में घोषणाएं हो सकती हैं। नए पीएचसी, सीएचसी, उप-जिला और जिला अस्पतालों के निर्माण व अपग्रेडेशन का भी रोडमैप सामने आ सकता है।
जयपुर के चारों ओर सैटेलाइट टाउन (चाकसू, बस्सी, चौमूं) विकसित करने, नए स्टेट एक्सप्रेसवे की डीपीआर बनाने, जिलों में सड़कों के अपग्रेडेशन, नए ओवरब्रिज-अंडरब्रिज और रोडवेज के लिए 1000 नई बसें (ई-बस सहित) खरीदने की घोषणा संभव है।
जयपुर रिंग रोड फेज-2 (आगरा रोड-दिल्ली रोड कनेक्टिविटी) और जयपुर मेट्रो फेज-2 के पहले पैकेज (प्रहलादपुरा-पिंजरापोल गोशाला) के लिए बजट प्रावधान की उम्मीद है।
24 घंटे बिजली देने की कार्ययोजना, स्मार्ट मीटर, नए ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) और किसानों की बिजली दरें न बढ़ाने की घोषणा हो सकती है।
पानी के क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत सीवरेज और पेयजल परियोजनाएं, जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल से जल पहुंचाने की टाइम-लाइन, तथा छोटे-मझोले शहरों पर फोकस रहने के संकेत हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए खेजड़ी सहित सभी पेड़ों की सुरक्षा को लेकर कानून में बदलाव का बिल और सोलर पावर प्लांट्स के लिए नई गाइडलाइन की घोषणा भी संभावित है।
बाड़मेर रिफाइनरी और पेट्रो-केमिकल क्षेत्र के आसपास विकास कार्य, परियोजना को तय समय में पूरा करने का रोडमैप, नए इंडस्ट्रियल एरिया, सिंगल विंडो सिस्टम का विस्तार और निवेशकों के लिए कस्टमाइज्ड पैकेज सरल बनाने के संकेत हैं।
डिफेंस, एयरोस्पेस और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए विशेष रियायतें, राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर्स का विस्तार और नए निवेश आयोजनों की घोषणा भी हो सकती है।
दो से ज्यादा बच्चों पर चुनाव प्रतिबंध हटाने के लिए बिल
हजारों नई सहकारी समितियां (GSS, LAMPS-PACS)
महिला औद्योगिक पार्क और पिंक बसों का विस्तार
मेडिकल टूरिज्म के लिए मेडिसिटी
हर ब्लॉक में डायग्नोस्टिक सेंटर व डायलिसिस सुविधा
खिलाड़ियों और महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं
कुल मिलाकर, राजस्थान का बजट 2026 रोजगार, किसान, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित रहने वाला है। 11 फरवरी को बजट पेश होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन संकेतों में से कौन-कौन से ऐलान धरातल पर उतरते हैं।
जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगी। बजट भाषण प्रातः 11 बजे राजस्थान विधानसभा में होगा। इससे पहले मंगलवार को उपमुख्यमंत्री कार्यालय में बजट को अंतिम रूप दिया गया, जहां वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत मंथन किया गया।
राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण बजट को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बजट को अंतिम रूप देते समय राजस्व, व्यय, बजट प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन से जुड़े सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। माना जा रहा है कि यह बजट प्रदेश के समग्र विकास, आर्थिक मजबूती और सामाजिक कल्याण की दिशा में अहम साबित होगा।
बजट फाइनलाइजेशन की बैठक के दौरान वैभव गालरिया (प्रमुख शासन सचिव, वित्त), टीना सोनी (शासन सचिव, वित्त-व्यय), राजन विशाल (शासन सचिव, वित्त-बजट), कुमारपाल गौतम (शासन सचिव, वित्त-राजस्व) तथा बृजेश किशोर शर्मा (निदेशक वित्त-बजट) उपस्थित रहे।
सूत्रों के अनुसार, बजट 2026-27 में आर्थिक विकास को गति देने, युवाओं के लिए रोजगार, किसानों और महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। अब प्रदेशवासियों की निगाहें बुधवार को पेश होने वाले इस बजट पर टिकी हैं, जिससे आगामी वित्तीय वर्ष की दिशा और प्राथमिकताएं तय होंगी।