Friday, 06 February 2026

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का डीडवाना–कुचामन दौरा: जैन धर्म जीवन जीने की पूर्ण कला, सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना लक्ष्य


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का डीडवाना–कुचामन दौरा: जैन धर्म जीवन जीने की पूर्ण कला, सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना लक्ष्य

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डीडवाना–कुचामन। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जैन धर्म केवल एक धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पूर्ण कला है। इसके पंच महाव्रत आज के भौतिकवादी युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने प्राचीन काल में थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत, मुनि और महंत समाज को सही दिशा देने के साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश–दुनिया तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए उसे नई पीढ़ी तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री शर्मा लाडनूं स्थित जैन विश्व भारती परिसर में नवनिर्मित सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी का राजस्थान पधारना प्रदेश के लिए सम्मान और गौरव का विषय है। सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल आने वाले समय में मानवीय मूल्यों, नैतिक शिक्षा और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जैन धर्म ने अहिंसा के संदेश के माध्यम से मानवता को सही दिशा दिखाई है। ‘जियो और जीने दो’ का सिद्धांत आज पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का आधार बन गया है। जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब जैन दर्शन संयम, सादगी और संतुलन का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि बिना संयम और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए मानवता का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि आचार्यश्री महाश्रमणजी मानवीय मूल्यों के जीवंत प्रतीक हैं। उनकी साधना, ज्ञान और त्याग लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव कल्याण और धर्म प्रचार के लिए समर्पित कर दिया है। जैन धर्म की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक संदर्भों से जोड़कर उन्होंने समाज को नई दिशा दी है, जो केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि समूची मानवता के लिए लाभकारी है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने जैन विश्व भारती के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्थान ने धर्म, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अविस्मरणीय कार्य किए हैं। आचार्य तुलसी और आचार्य महाप्रज्ञ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जैन विश्व भारती ने शिक्षा को मानवीय मूल्यों से जोड़ने का सफल प्रयास किया है। यहां विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है। सुधर्मा सभा सत्य, अहिंसा और करुणा के संदेश को दूर–दूर तक फैलाने का कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री शर्मा ने आचार्यश्री महाश्रमणजी से आशीर्वचन प्राप्त किया

इस अवसर पर मुख्यमंत्री शर्मा ने आचार्यश्री महाश्रमणजी से आशीर्वचन प्राप्त किए तथा सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल का विधिवत लोकार्पण किया। कार्यक्रम में साध्वी प्रमुखा विश्रुत विभा, मुनि महावीर कुमार, साध्वी वर्या सम्बुद्ध यशा जी, राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष अमरचंद लुंकड़ सहित बड़ी संख्या में जैन मुनि–साध्वी, पदाधिकारीगण और आमजन उपस्थित रहे।

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