



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं की कार्ययोजना बनाते समय भविष्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि राजस्थान का प्रत्येक शहर सस्टेनेबल और नागरिक-केन्द्रित विकास का आदर्श मॉडल बन सके। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता के साथ-साथ निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे आमजन को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नगरीय क्षेत्रों में सड़क, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल और आवास से संबंधित प्रगतिरत परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में बस स्टैण्ड्स के निर्माण के लिए एक मॉडल विकसित करने को कहा, जिसके अंतर्गत स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न श्रेणियों का निर्धारण किया जाए।
लंबित न्यायिक मामलों के त्वरित निस्तारण पर जोर
मुख्यमंत्री ने लंबित न्यायिक मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष बल देते हुए कहा कि विभागीय स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए और यदि विभाग की ओर से देरी होती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। बैठक के दौरान उन्होंने जयपुर शहर के मेट्रो फेज-2, विभिन्न फ्लाइओवर्स, आरयूबी और एलिवेटेड रोड के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही विभिन्न शहरों में सड़क निर्माण, सीवरेज लाइन, सीवरेज मास्टर प्लान और ड्रेनेज कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने सीकर शहर में सुगम आवागमन और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था के लिए समग्र प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
इस अवसर पर नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त, नगरीय विकास एवं आवासन तथा स्वायत्त शासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।