Wednesday, 04 March 2026

सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में घटिया निर्माण पर भड़के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, अधिकारियों को लगाई फटकार


सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में घटिया निर्माण पर भड़के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, अधिकारियों को लगाई फटकार

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सवाई माधोपुर। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा सोमवार को ठींगला स्थित निर्माणाधीन राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में सामने आई गंभीर खामियों और घटिया गुणवत्ता को देखकर मंत्री भड़क गए। उन्होंने मौके पर मौजूद आरएसआरडीसी के अधिकारियों—XEN और AEN—को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार पैसा दे रही है तो निर्माण कार्य टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। मंत्री ने प्लास्टर की खराब गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आरएसआरडीसी के XEN राकेश कुमार दीक्षित, AEN सुमित मिश्रा और प्रोजेक्ट मैनेजर नवनीत से निर्माण में इस्तेमाल सामग्री को लेकर सवाल किए। अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और मौके पर ही कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

मारपीट के आरोप, XEN ने की शिकायत
निरीक्षण के बाद मामला और तूल पकड़ गया। XEN राकेश कुमार दीक्षित ने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के समर्थकों ने पहले प्रोजेक्ट मैनेजर नवनीत और AEN सुमित मिश्रा के साथ मारपीट की, इसके बाद उनके साथ भी हाथापाई हुई। दीक्षित ने कहा कि उन्हें आशंका है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। उन्होंने इस संबंध में जयपुर स्थित राजस्थान राज्य सड़क विकास और निर्माण निगम लिमिटेड के उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है।

XEN का यह भी कहना है कि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने जानबूझकर बड़ी इमारत में उन्हीं स्थानों को दिखाया, जहां आंशिक खामियां थीं, जिससे विवाद बढ़ा।

प्रिंसिपल ने आरोपों को बताया निराधार
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीपी मीना ने अधिकारियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण में खामियां सामने आने से कुछ लोग नाराज हो गए थे, जिसके बाद यह घटनाक्रम हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना था।

फिलहाल मामला अधिकारियों की शिकायत और आरोप-प्रत्यारोप के चलते चर्चा में है। उच्च स्तर पर जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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