



जयपुर। देश की प्रतिष्ठित लेखिका, सांस्कृतिक संरक्षिका और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की सह-संस्थापिका नमिता गोखले को रविवार को बनारस लिट फेस्ट में भर्तेंदु हरिश्चंद्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय साहित्य में उनके बहुआयामी, दीर्घकालिक और प्रभावशाली योगदान की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया, जिसे भाषाओं, पीढ़ियों और विधाओं के संगम से परिभाषित एक असाधारण साहित्यिक वर्ष का शिखर माना गया।
दुनिया के अग्रणी साहित्यिक सम्मानों की गरिमा और व्यापक दृष्टि को ध्यान में रखकर परिकल्पित बनारस लिट फेस्ट बुक अवॉर्ड्स अंग्रेज़ी, हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं में कथा, कविता, कथेतर और अनुवाद की उत्कृष्ट कृतियों को सम्मानित करते हैं। ये पुरस्कार परंपरा में रचे साहित्यिक मूल्यों के साथ-साथ समकालीन यथार्थ के प्रति सजग प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करते हैं।
नमिता गोखले ने अंग्रेज़ी में 26 पुस्तकें लिखी हैं, जिनका हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में व्यापक पाठकवर्ग है। उनके साहित्यिक योगदान को वर्ष 2021 में उनके ऐतिहासिक उपन्यास थिंग्स टू लीव बिहाइंड के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
सम्मान ग्रहण करते हुए नमिता गोखले ने कहा कि भर्तेंदु हरिश्चंद्र के नाम से जुड़ा यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड उनके लिए गहरा सम्मान और भावनात्मक अनुभव है। उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य की परंपरा ने उन्हें उनकी आवाज़ दी और समकालीन समय ने उसे निरंतर खोजते रहने की चुनौती। उन्होंने संवाद, विविधता और सृजनात्मकता को केंद्र में रखने वाले मंचों को साहित्यिक भविष्य के लिए अनिवार्य बताया और बनारस लिट फेस्ट की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि नमिता गोखले का लेखन भारतीय परंपरा और समकालीन चेतना के बीच सेतु का कार्य करता है। भाषाओं, पीढ़ियों और विधाओं के संगम से निर्मित उनकी साहित्यिक यात्रा ने भारतीय साहित्य को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ सांस्कृतिक संवाद को भी सशक्त किया है। पिछले 19 वर्षों में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित मंच बनाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।