



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र में सरपंच संघ द्वारा आयोजित निवर्तमान सरपंच–प्रशासक प्रदेश अधिवेशन को संबोधित किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास और पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे निर्णयों, योजनाओं और कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव हैं और सरकार का निरंतर प्रयास है कि पंचायतीराज संस्थाओं को अधिक अधिकार, संसाधन और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे, सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंच सके।
मुख्यमंत्री शर्मा ने निवर्तमान सरपंचों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार भविष्य में भी ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के अनुभव और सुझावों को महत्व देगी। उन्होंने ग्रामीण आत्मनिर्भरता, पारदर्शिता और जनभागीदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में विधायक शत्रुघ्न गौतम सहित सरपंच संघ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिवेशन के दौरान ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई और पंचायत व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर विचार साझा किए गए।