Saturday, 29 August 2026

जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ जांच के दिए आदेश


जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ जांच के दिए आदेश

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जोधपुर सेंट्रल जेल में निरुद्ध लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। वांगचुक ने जेल में उपलब्ध दूषित पानी के कारण पेट में गंभीर संक्रमण और लगातार दर्द की शिकायत की है। उनकी बिगड़ती सेहत को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि उनकी जांच किसी सरकारी अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर से कराई जाए।

गुरुवार को इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने की। अदालत ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि सोनम वांगचुक की जांच किसी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पेट रोग विशेषज्ञ) से कराई जाए और इसकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट 2 फरवरी तक कोर्ट में पेश की जाए। कोर्ट ने यह भी माना कि सामान्य चिकित्सक द्वारा की गई नियमित जांच इस मामले में पर्याप्त नहीं है।

सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने दलील दी कि वांगचुक की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है और अब तक चार महीनों में जेल के डॉक्टरों द्वारा 21 बार उनकी जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आखिरी मेडिकल चेकअप 26 जनवरी को किया गया था।

हालांकि, सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सरकार के तर्कों पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि जेल के दूषित पानी की वजह से वांगचुक को लगातार पेट दर्द और संक्रमण की समस्या हो रही है और केवल सामान्य जांच से समस्या का समाधान संभव नहीं है। सिब्बल ने कोर्ट से विशेषज्ञ इलाज का आदेश देने की मांग की, जिसे पीठ ने स्वीकार कर लिया।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। उनकी तबीयत को लेकर अब देशभर में चिंता जताई जा रही है और सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को उनके स्वास्थ्य अधिकारों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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