Wednesday, 04 March 2026

रणथम्भौर नेशनल पार्क में सफारी के दौरान मोबाइल फोन पर पूरी तरह रोक, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन लागू


रणथम्भौर नेशनल पार्क में सफारी के दौरान मोबाइल फोन पर पूरी तरह रोक, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन लागू

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सवाईमाधोपुर स्थित रणथम्भौर नेशनल पार्क में भ्रमण पर जाने वाले पर्यटकों के लिए अब सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। वन विभाग ने सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन की पालना में लिया गया है, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके प्राकृतिक व्यवहार में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को रोकना है।

रणथम्भौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक (पर्यटन) संजीव शर्मा ने बताया कि सफारी के दौरान मोबाइल फोन से फोटो, वीडियो, रील और सेल्फी बनाने के कारण पर्यटक अक्सर वन्यजीवों के काफी नजदीक पहुंच जाते हैं। इससे न केवल जानवरों का स्वाभाविक व्यवहार प्रभावित होता है, बल्कि जंगल का शांत वातावरण भी भंग होता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की गतिविधियों को वन्यजीव संरक्षण के लिए घातक मानते हुए रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन के कारण सफारी गाड़ियां एक ही स्थान पर रुक जाती हैं, जिससे जाम जैसी स्थिति बन जाती है। इससे वन्यजीवों को असहजता होती है और पर्यटकों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब पार्क भ्रमण के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी वन विभाग ने गाइड और वाहन चालकों के लिए मोबाइल फोन ले जाने पर रोक लगाई थी, लेकिन विरोध के चलते उस आदेश को वापस लेना पड़ा था। इस बार यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत लिया गया है, इसलिए इसे सख्ती से लागू किया जाएगा। वन विभाग का मानना है कि यह कदम जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने और रणथम्भौर के वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।

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